
जैसलमेर: राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के डेज़र्ट सफारी कैंप में अंडर ऑफिसर कृतिका भट्ट ने अपने असाधारण प्रदर्शन से न केवल उत्तराखंड निदेशालय बल्कि पूरे NCC का गौरव बढ़ाया है। कैप्टन (डॉ.) महिमा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में कृतिका ने नेतृत्व क्षमता, संप्रेषण कौशल और मंच संचालन के क्षेत्र में जो उत्कृष्टता प्रदर्शित की, उसने कैंप में शामिल 300 से अधिक कैडेट्स के बीच उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाई।
इस कैंप में कृतिका भट्ट उत्तराखंड निदेशालय की एकमात्र कैडेट रहीं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा वाले यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (YEP) के लिए चयनित किया गया। यह चयन स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि YEP के लिए कैडेट्स को न केवल उनकी शारीरिक दक्षता बल्कि बुद्धिमत्ता, नेतृत्व, व्यक्तित्व, संचार कला और प्रतिनिधित्व क्षमता पर परखा जाता है। इस उपलब्धि के लिए कृतिका को विशेष पदक भी प्रदान किया गया।
अंतरराष्ट्रीय कैडेट्स के साथ संवाद का अनूठा अवसर
YEP चयनित होने के बाद कृतिका को कज़ाकिस्तान, भारत और नेपाल के कैडेट्स के साथ इंटरैक्ट करने का अवसर मिलेगा। यह मंच न केवल अंतरराष्ट्रीय समझ को विकसित करता है, बल्कि कैडेट्स को वैश्विक दृष्टिकोण, सांस्कृतिक आदान–प्रदान और नेतृत्व की नयी परिभाषाएँ भी सिखाता है। कृतिका का चयन यह दर्शाता है कि वह भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर NCC की एक सशक्त प्रतिनिधि बन सकती हैं।
मास्टर ऑफ सेरेमनीज़ की भूमिका में दमदार प्रदर्शन
कृतिका भट्ट की प्रतिभा सिर्फ प्रशिक्षण और गतिविधियों तक सीमित नहीं रही। उन्हें पूरे कार्यक्रम के लिए मास्टर ऑफ सेरेमनीज़ (MC) की अहम जिम्मेदारी भी सौंपी गई। मंच संचालन किसी भी कैडेट के लिए एक चुनौतीपूर्ण भूमिका मानी जाती है, जिसमें आत्मविश्वास, स्पष्ट वाणी, समय प्रबंधन और संवेदनशील परिस्थितियों को संभालने की क्षमता की आवश्यकता होती है।
कृतिका ने इस जिम्मेदारी को अत्यंत आत्मविश्वास और शिष्टता के साथ निभाया। उनके उत्कृष्ट मंच संचालन कौशल के लिए उन्हें प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि उनके संचार कौशल, नेतृत्व गुण और व्यक्तित्व के प्रभाव को दर्शाती है।
कैंप में विविध और अनुभवात्मक गतिविधियाँ
डेज़र्ट सफारी कैंप अपनी कठिन परिस्थितियों, सीखी जाने वाली जीवन कौशल और अनुभवात्मक प्रशिक्षण के लिए जाना जाता है। इस बार के आयोजन में भी कैडेट्स को कई ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सैन्य महत्व की गतिविधियों से रूबरू कराया गया। इनमें प्रमुख शामिल थे—
- डेज़र्ट कैमेल सफारी: मरुस्थल की कठोर परिस्थितियों में सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता का परीक्षण।
- कुलधरा गाँव का भ्रमण: विरासत संरक्षण और इतिहास की गहराई को समझने का अवसर।
- भारत–पाकिस्तान सीमा का दौरा: सीमा सुरक्षा, सैन्य रणनीति और देश की सुरक्षा चुनौतियों को जानने का अनुभव।
- लॉन्गेवाला युद्ध संग्रहालय: 1971 के भारत–पाक युद्ध में भारतीय सेना की वीरता का प्रेरणादायी इतिहास।
- जैसलमेर किला और गड़ीसर झील का अवलोकन: मरूस्थलीय संस्कृति और स्थापत्य कला की समृद्ध विरासत से परिचय।
इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स ने न केवल टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व के गुर सीखे, बल्कि इतिहास, परंपरा और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति गहरी समझ भी विकसित की।
उत्तराखंड निदेशालय और NCC के लिए गौरव का क्षण
अंडर ऑफिसर कृतिका भट्ट की लगातार मिल रही उपलब्धियाँ यह साबित करती हैं कि वह केवल एक उत्कृष्ट कैडेट ही नहीं, बल्कि NCC की मूल भावना—अनुशासन, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और सेवा—की एक सशक्त प्रतिनिधि हैं। उनके प्रदर्शन ने उत्तराखंड निदेशालय की प्रतिष्ठा को बढ़ाया है और यह स्पष्ट किया है कि राज्य के कैडेट्स राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
कैप्टन (डॉ.) महिमा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में कृतिका ने जिस प्रकार से स्वयं को तैयार किया है, वह आने वाले समय में युवा कैडेट्स के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
निष्कर्ष
डेज़र्ट सफारी कैंप में अंडर ऑफिसर कृतिका भट्ट का उत्कृष्ट प्रदर्शन, YEP चयन, मास्टर ऑफ सेरेमनीज़ के रूप में प्रथम पुरस्कार और नेतृत्व क्षमता की स्पष्ट झलक—ये सभी उपलब्धियाँ उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत हैं। उनकी यह उपलब्धियाँ NCC के उच्च मानकों, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यक्तिगत समर्पण का प्रतिनिधित्व करती हैं।
कृतिका भट्ट आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा हैं और निश्चित रूप से भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए रिकॉर्ड स्थापित करती रहेंगी।



