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A320 विमान में ‘फ्लाइट कंट्रोल रिस्क’ पर भारत में हड़कंप: इंडिगो–एयर इंडिया ने तेज़ी से पूरा किया सॉफ्टवेयर अपग्रेड, यात्रियों को घंटों की देरी झेलनी पड़ी

नई दिल्ली: भारतीय आकाश में शनिवार को अचानक आई तकनीकी चुनौती ने विमान संचालन और यात्रियों की यात्रा योजनाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया। इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने ए320 श्रृंखला के विमानों में संभावित फ्लाइट कंट्रोल रिस्क को ठीक करने के लिए बड़े पैमाने पर सॉफ्टवेयर अपग्रेड की प्रक्रिया शुरू कर दी। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, 338 प्रभावित विमानों में से 90 प्रतिशत विमान अपडेट किए जा चुके हैं, लेकिन अपग्रेड प्रक्रिया ने पूरे देश में उड़ानों के शेड्यूल को अस्त–व्यस्त कर दिया।

कई बड़े एयरपोर्ट—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद—पर यात्रियों को 60 से 90 मिनट तक की देरी झेलनी पड़ी। कुछ उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा, हालांकि इंडिगो और एयर इंडिया ने रद्दीकरण से बचने में कामयाबी पाई, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस को चार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

यह कदम तब उठाया गया जब विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने दुनिया भर में ए320 सीरीज को लेकर एक आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी किया। कंपनी ने चेतावनी दी कि तीव्र सौर विकिरण (Solar Radiation) के प्रभाव से उड़ान नियंत्रण प्रणाली के कुछ आवश्यक डेटा को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे विमान संचालन पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसके बाद यूरोपीय एविएशन सेफ्टी अथॉरिटी (EASA) और DGCA ने तत्काल प्रभाव से सभी ऑपरेटर्स को सॉफ्टवेयर अपडेट का आदेश जारी कर दिया।


सॉफ्टवेयर अपडेट क्यों बना जरूरी? — एक वैश्विक तकनीकी संकट

एयरबस द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सौर गतिविधि में अचानक हुई तेजी के चलते ए320 फैमिली के करीब 6,000 विमान संभावित जोखिम के दायरे में आ गए हैं।
इसमें बताया गया कि—

  • उड़ान नियंत्रण से जुड़ा डेटा अचानक क्षतिग्रस्त हो सकता है
  • ऑटोपायलट और कंट्रोल सिस्टम पर इसका प्रभाव पड़ सकता है
  • दुर्लभ परिस्थितियों में यह उड़ान सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है

दुनियाभर में उड़ान सुरक्षा एजेंसियों ने इस चेतावनी को अत्यंत गंभीरता से लिया, और भारत में DGCA ने तुरंत एयरलाइनों को आदेश जारी किया कि 30 नवंबर सुबह 5:29 बजे तक सभी प्रभावित विमानों में अपग्रेड पूरा होना चाहिए

यह अपडेट सिर्फ साधारण सॉफ्टवेयर पैच नहीं है—
इसे प्रत्येक विमान में तकनीकी परीक्षण, दोबारा सिस्टम चेक और टेस्ट रन के बाद ही मान्य किया जा सकता है।
इस वजह से विमानों को कई घंटों तक ग्राउंडेड करना पड़ा, जिसके चलते शेड्यूल पर गहरा असर पड़ गया।


DGCA के आंकड़े—कौन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ?

DGCA के मुताबिक, कुल 338 ए320 परिवार के विमान इस अपग्रेड के दायरे में आए
शनिवार शाम 5:30 बजे तक की स्थिति:

इंडिगो (200 विमान प्रभावित)
  • 184 विमानों का अपग्रेड पूरा
  • देर रात तक सभी 200 विमान अपडेट कर दिए गए
  • कोई उड़ान रद्द नहीं
  • लेकिन कई उड़ानों में 60–90 मिनट तक की देरी
एयर इंडिया (113 विमान प्रभावित)
  • 69 विमान अपडेट
  • एयरलाइन ने रात 10.17 बजे जानकारी दी कि 90% से अधिक अपग्रेड पूरा
  • रद्दीकरण शून्य, लेकिन कई उड़ानों में देरी
एयर इंडिया एक्सप्रेस (25 विमान प्रभावित)
  • 17 विमान शाम तक अपडेट
  • रात तक 22 विमान अपग्रेड
  • 4 उड़ानें रद्द

अपग्रेड कार्य देशभर के 7 प्रमुख बेस—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद और कोलकाता—में एक साथ चलाया गया।


यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं — देरी, रद्द उड़ानें और लंबी कतारें

अपग्रेड का असर सीधा यात्रियों पर पड़ा।
देशभर के प्रमुख हवाईअड्डों पर—

  • लंबी कतारें
  • बोर्डिंग में देरी
  • गेट बदलना
  • और अचानक री-शेड्यूलिंग

जैसी समस्याएँ व्यापक रूप से देखने को मिलीं।

कांग्रेस की एक वरिष्ठ राज्यसभा सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि उन्हें विमान में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और ग्राउंड स्टाफ को भी अचानक मिले निर्देशों के चलते कठिनाई का सामना करना पड़ा।

हालांकि एयरलाइनों ने यात्रियों को लगातार अपडेट देने की कोशिश की, फिर भी अचानक आए तकनीकी संकट ने यात्री सेवाओं पर स्पष्ट रूप से दबाव बढ़ा दिया।


इंडिगो और एयर इंडिया की प्रतिक्रिया—‘सुरक्षा सर्वोपरि’

इंडिगो ने देर रात 11:02 बजे बयान जारी कर बताया कि उसके सभी 200 ए320 सीरीज विमान पूरी तरह अपडेट हो चुके हैं
एयरलाइन ने लिखा:

“हमने हर विमान में तकनीकी आवश्यकता पूरी की है और अपनी नियमित सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत प्रदर्शन की कड़ी निगरानी जारी रखेंगे।”

एयर इंडिया ने भी चिंता कम करने की कोशिश की और कहा कि उसने अपनी 90% से ज्यादा फ्लीट को अपडेट कर लिया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:

“यह सुरक्षित उड़ान संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम है। असुविधा के बावजूद यात्री सहयोग कर रहे हैं।”


वैश्विक पैमाने पर प्रभाव — 6,000 विमान जोखिम में

ए320 सीरीज दुनिया में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले विमानों में से एक है।

  • कुल 8,100+ विमान सेवा में
  • इनमें से 6,000 विमान संभावित जोखिम के तहत

कई देशों में एयरलाइंस ने इसी तरह ग्राउंडिंग और अपग्रेड लागू करना शुरू कर दिया है। कुछ विमानों में भविष्य में हार्डवेयर रिप्लेसमेंट की भी आवश्यकता पड़ सकती है। EASA ने इसे “अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा सूचना” बताया है।


क्या आगे भी उड़ानें प्रभावित होंगी?

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • भारत में 90% से अधिक अपडेट पूरे हो चुके हैं
  • शेष विमान 30 नवंबर की समय-सीमा से पहले अपडेट हो जाएंगे
  • आने वाले 24–48 घंटों में उड़ानों का संचालन सामान्य होने लगेगा

हालांकि, एयरलाइंस अपनी शेड्यूलिंग टीम को अलर्ट मोड पर रखे हुए हैं क्योंकि अपग्रेड के बाद भी कुछ अतिरिक्त परीक्षण करने पड़ सकते हैं।


निष्कर्ष: तकनीकी चुनौती ने उड़ान सुरक्षा को रखा प्राथमिकता पर, यात्रियों को मिला भरोसा

ए320 विमानों के इस बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट ने फिर साबित कर दिया कि विमानन उद्योग में सुरक्षा सर्वोपरि है।
चाहे इससे उड़ानों में देरी हो या यात्रियों को असुविधा—एयरलाइंस और नियामक एजेंसियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि छोटी सी तकनीकी त्रुटि भी अनदेखी नहीं की जा सकती।

भारत में तेज़ी से कार्रवाई ने संभवत: बड़े जोखिम को टाल दिया। अब जबकि 90% से अधिक विमान अपडेट हो चुके हैं, आने वाले दिनों में उड़ानों की स्थिति सामान्य होती दिखेगी।

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