
नैनीताल, 27 नवंबर 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बढ़ती ठंड और आगामी शीतलहर की आशंका को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को राहत प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। नैनीताल भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद, बेघर या असहाय व्यक्ति ठंड और शीतलहर का शिकार न बने। इस संबंध में सभी जनपदों में रेन बसेरों, आश्रय स्थलों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आवश्यक सुविधाएँ सुदृढ़ की जाएँ।
रेन बसेरों में रजाई-कंबल सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी रेन बसेरों में—
- पर्याप्त रजाई-कंबल,
- गरम कपड़ों की उपलब्धता,
- साफ-सुथरी रहने की व्यवस्था,
- रात के समय सुरक्षा एवं निगरानी,
- जरूरतमंदों के लिए तत्काल राहत सामग्री
सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि रेन बसेरों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित जांच की जाए, और किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई हो।
सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था
मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सर्दी के दौरान शहरों, कस्बों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों—जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मार्केट एरिया, मुख्य चौक, धार्मिक स्थल आदि—पर नियमित रूप से अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि शाम और रात के समय तापमान तेजी से गिरता है, ऐसे में अलाव जरूरतमंदों को बड़ी राहत प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अलाव की नियमित मॉनिटरिंग हेतु नगरपालिका और जिला प्रशासन की टीमें सक्रिय रहें, ताकि कहीं भी व्यवस्था में कमी न रहे।
बेघर एवं जरूरतमंदों को समय पर राहत मिले — टीमों को किया जाए सक्रिय
मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिया कि सभी जनपदों में विशेष टीमें:
- सड़कों, फुटपाथों, चौक-चौराहों, बस अड्डों और बाजार क्षेत्रों में भ्रमण करें,
- बेघर, असहाय या जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें रेन बसेरों तक पहुंचाएँ,
- उन्हें कंबल व आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराएँ,
- और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि ‘‘जनहित सर्वोपरि है, और राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी भी नागरिक को ठंड से पीड़ित न होना पड़े।’’
उपलब्धता, वितरण और निगरानी की दैनिक रिपोर्ट अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देशित किया कि—
- राहत सामग्री की उपलब्धता,
- उसके वितरण की स्थिति,
- अलाव की व्यवस्था व निगरानी,
- और रेन बसेरों की दैनिक समीक्षा
की रिपोर्ट प्रतिदिन शासन को उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में राहत व्यवस्था एक अत्यंत संवेदनशील विषय है, और प्रशासनिक तंत्र की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित व गरमाहट भरा आश्रय प्राप्त हो।



