
देहरादून, 19 नवंबर 2025: देहरादून जिला प्रशासन द्वारा बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम और वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के उद्देश्य से संचालित राज्य के पहले मॉडल इंटेंसिव केयर सेंटर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिलने लगी है। बुधवार को एलारा कैपिटल ग्रुप लंदन के सीईओ एवं फाउंडर राज भट्ट ने साधुराम इंटर कॉलेज, राजा रोड स्थित इस सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने सेंटर की कार्यप्रणाली, बच्चों को दी जा रही शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण एवं मनोरंजक गतिविधियों का व्यवस्थित मूल्यांकन किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि देहरादून जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया गया यह मॉडल न केवल प्रभावी है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण साबित हो सकता है।
राज भट्ट, जो मूल रूप से उत्तराखंड के चंपावत जिले से ताल्लुक रखते हैं और लंदन में एक सफल व्यवसायिक समूह का नेतृत्व कर रहे हैं, शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े कई अभियानों में सक्रिय रहते हैं। सेंटर में बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी प्रगति को देखकर संतोष जताया और कहा कि सड़क पर भीख मांगने, कूड़ा बीनने अथवा मजदूरी करने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाना एक अत्यंत संवेदनशील एवं मानवीय पहल है। उन्होंने जिला प्रशासन के इस प्रयास को “अभिनव और प्रशंसनीय” बताते हुए आश्वासन दिया कि वे इस मुहिम को आगे बढ़ाने में हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने उन्हें सेंटर की पूरी कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बाल भिक्षावृत्ति, बाल श्रम और कूड़ा बीनने में संलिप्त बच्चों को टीम द्वारा चिन्हित कर सेंटर में लाया जाता है। यहां उनकी काउंसलिंग की जाती है, उन्हें प्राथमिक शिक्षा, तकनीकी कौशल, कंप्यूटर शिक्षा, योग, संगीत और खेल जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाता है, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे नियमित स्कूलों में दाखिले के लिए तैयार हो सकें। जिला प्रशासन ने इस सेंटर के संचालन के लिए आसरा, समर्पण और सरफीना जैसे स्वैच्छिक संगठनों के साथ एमओयू किया है, जिसके माध्यम से एक सुदृढ़ और व्यवस्थित प्रणाली विकसित की गई है।
अब तक जिला प्रशासन द्वारा 82 भिक्षावृत्ति में लिप्त, 63 बाल मजदूरी में संलग्न और 113 कूड़ा बीनने वाले बच्चों सहित कुल 258 बच्चों को सड़कों से रेस्क्यू कर शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ा गया है। इनमें से कई बच्चों को देहरादून के प्रमुख स्कूलों में दाखिला दिया गया है तथा उनकी यूनिफॉर्म, पुस्तकें, भोजन, स्वास्थ्य जांच और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं का पूरा खर्च जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जा रहा है। वर्तमान में 51 बच्चे सेंटर में नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 29 बालक और 22 बालिकाएं शामिल हैं। इनमें से 30 बच्चे जीपीएस/जीयूपीएस परेड ग्राउंड, 19 साधुराम इंटर कॉलेज और 2 जीपीएस मथुरावाला में अध्ययनरत हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को सेंटर के प्रथम तल का निर्माण, पैदल मार्ग की मरम्मत, रेलिंग और शौचालयों के सुधार कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर की स्वच्छता और रखरखाव के लिए भी आउटसोर्सिंग तंत्र के माध्यम से नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सहायक निदेशक सूचना बद्री चंद्र नेगी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
राज भट्ट के दौरे के साथ देहरादून का यह मॉडल इंटेंसिव केयर सेंटर एक बार फिर सुर्खियों में आया है। यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि समाज में संवेदनशील बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। बाल भिक्षावृत्ति को समाप्त कर बच्चों को शिक्षा, सम्मान और अवसरों से जोड़ने का यह प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभर रहा है।



