
डोईवाला/देहरादून, 19 नवंबर: भारत की पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय इंदिरा गांधी की जयंती पर मंगलवार को परवादून जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला कांग्रेस कार्यालय, डोईवाला में एक व्यापक विचार-गोष्ठी आयोजित की। कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि समारोह नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक ऐसा मंच बना जहाँ इंदिरा गांधी के राजनीतिक व्यक्तित्व, उनके ऐतिहासिक निर्णयों और भारत के निर्माण में उनकी निर्णायक भूमिका पर गहन विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों तथा युवा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। वक्ताओं ने इंदिरा गांधी के बहुआयामी नेतृत्व, राजनीतिक दूरदृष्टि और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि वह भारतीय राजनीति की सबसे प्रभावशाली और साहसी नेताओं में से एक थीं।
गरीबी हटाओ से राष्ट्रीय सुरक्षा तक—इंदिरा के योगदानों पर विस्तृत चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि के साथ हुई, इसके बाद वक्ताओं ने इंदिरा गांधी के नेतृत्व काल में हुए बड़े ऐतिहासिक फैसलों का उल्लेख किया।
परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि इंदिरा गांधी का राजनीतिक करियर भारतीय लोकतंत्र के सबसे परिवर्तनीय कालखंडों में से एक रहा है। उन्होंने “गरीबी हटाओ” का नारा सिर्फ चुनावी घोषणा के तौर पर नहीं दिया, बल्कि इसे ग्रामीण भारत की आर्थिक संरचना और सामाजिक न्याय के एजेंडे का केंद्र बनाया।
उन्होंने कहा—
“इंदिरा गांधी ने देश के सबसे कमजोर वर्गों की आवाज को सत्ता के केंद्र तक पहुँचाया। उनका नेतृत्व केवल कठोर निर्णय लेने की क्षमता नहीं, बल्कि देश को नई दिशा देने वाली दूरदृष्टि का परिचायक था।”
उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में इंदिरा गांधी की निर्णायक भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी दृढ़ता और सामरिक समझ ने भारत को ऐतिहासिक विजय दिलाई और बांग्लादेश का निर्माण संभव हुआ।
इसी तरह, हरित क्रांति के माध्यम से खाद्यान्न सुरक्षा हासिल करने में भी इंदिरा गांधी का योगदान प्रमुख बताया गया। बैंकों के राष्ट्रीयकरण को सामाजिक व आर्थिक बदलाव का महत्वपूर्ण कदम बताया गया, जिसने आर्थिक संसाधनों को आम जन तक पहुँचाने का मार्ग खोला।
“राष्ट्र की पहचान, शक्ति और संकल्प”—सुखविन्दर कौर का वक्तव्य
देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविन्दर कौर ने अपने संबोधन में इंदिरा गांधी को भारत की राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक पहचान की प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा—
“इंदिरा गांधी केवल भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री ही नहीं थीं, बल्कि वह एक ऐसी व्यक्तित्व थीं जिनके नेतृत्व ने भारत को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई ऊँचाई पर पहुँचाया। उनका व्यक्तित्व दृढ़ता, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक था।”
सुखविन्दर कौर ने कहा कि आज का राजनीतिक माहौल इंदिरा गांधी की कार्यशैली, उनकी रणनीतियों और देश को जोड़ने के उनके प्रयासों से प्रेरणा ले सकता है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान का विशेष उल्लेख किया।
“नई पीढ़ी को समझना होगा इंदिरा गांधी की विरासत”—ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी
डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा कि इंदिरा गांधी केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज की पीढ़ी के लिए नेतृत्व का आदर्श हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत जिस वैज्ञानिक, तकनीकी और अंतरिक्ष शक्ति के रूप में खड़ा है, उसकी बुनियाद इंदिरा गांधी के काल में मजबूती से रखी गई।
उन्होंने विशेष रूप से ISRO की शुरुआत और उसके विकास को दिशा देने में उनके योगदान का ज़िक्र किया।
गौरव चौधरी ने कहा—
“इंदिरा गांधी ने कठिन परिस्थितियों में भी साहसिक निर्णय लिए। आज जब दुनिया तेज़ी से बदल रही है, युवा कार्यकर्ताओं को उनके समर्पण, दृढ़ विश्वास और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भावना को आत्मसात करने की आवश्यकता है।”
कांग्रेस नगर अध्यक्ष का संगठनात्मक संदेश
डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कार्यक्रम में संगठनात्मक एकता और मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी हमेशा जनसरोकारों को सर्वोपरि रखती थीं।
उन्होंने कहा—
“कांग्रेसजनों को चाहिए कि इंदिरा जी के आदर्शों को मार्गदर्शक बनाते हुए संगठन को मजबूत करें और जनता के मुद्दों पर सतत संघर्षरत रहें।”
नेगी ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा जब कार्यकर्ता विचारधारा से जुड़कर जनता के बीच जाएँ और इंदिरा गांधी की तरह लोगों के दुख-दर्द को समझने की संवेदना भीतर रखें।
कार्यक्रम में मौजूद रहे वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता
कार्यक्रम में परवादून और देहरादून क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से—मोहित उनियाल, सुखविन्दर कौर, गौरव चौधरी, करतार नेगी, मनोज नौटियाल, सागर मनवाल, जीतेन्द्र कुमार, उमेद बोरा, राहुल आर्य, सिंहराज पोसवाल, अफसाना अंसारी, रेखा कांडपाल सती, राहुल सैनी, मुकेश प्रसाद, अभिनव मलिक, शंकर सिंह मेहरालु, विवेक सैनी, अमित सैनी, देवराज सावन, साजिद अली, आरिफ अली, महिपाल सिंह रावत, शाकिर हुसैन, शाहरुख सिद्दीकी, सोहेब अली, विमल गोला, प्रवीण सैनी, मोइन अली आदि शामिल रहे।
राजनीतिक महत्व और भविष्य का संदेश
कांग्रेस संगठन के जानकारों का मानना है कि इंदिरा गांधी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि उत्तराखंड कांग्रेस के लिए यह एक महत्वपूर्ण संदेश देने का अवसर भी था—
एकता, विचारधारा की पुनर्स्थापना और नेतृत्व के मूल्यों को फिर से केंद्र में लाने का।
स्थानीय स्तर पर यह कार्यक्रम कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा लाने और संगठनात्मक मजबूती को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



