By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को इगास पर्व की बधाई, कहा — “लोक संस्कृति हमारी पहचान, इसे आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी”
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को इगास पर्व की बधाई, कहा — “लोक संस्कृति हमारी पहचान, इसे आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी”
उत्तराखंडफीचर्ड

Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को इगास पर्व की बधाई, कहा — “लोक संस्कृति हमारी पहचान, इसे आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी”

The Hill India News
Last updated: October 31, 2025 12:59 pm
The Hill India News
Published: October 31, 2025
Share
SHARE

देहरादून, 31 अक्टूबर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यवासियों को पारंपरिक पर्व इगास (बूढ़ी दीपावली) की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जारी अपने संदेश में कहा कि यह पर्व न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी लोकजीवन की जीवंतता, आत्मीयता और पारिवारिक एकता का प्रतीक भी है।

Contents
इगास – लोकजीवन और परंपरा का जीवंत प्रतीकराज्य सरकार ने इगास पर अवकाश को दी मान्यतायुवाओं को लोक संस्कृति से जुड़ने का आह्वानप्रवासी उत्तराखंडियों से की अपील“लोक संस्कृति हमारी पहचान, इसे आगे बढ़ाना हमारा कर्तव्य”प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की लोक संस्कृति और लोक परंपरा उसकी आत्मा होती है। देवभूमि उत्तराखंड का गौरव इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में निहित है और इगास पर्व इस विरासत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़ने, अपने परिवार और समुदाय के साथ रिश्तों को सुदृढ़ करने तथा अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश देता है।

इगास – लोकजीवन और परंपरा का जीवंत प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वत, घाटियां और गांव सैकड़ों वर्षों से अपनी विशिष्ट परंपराओं और त्योहारों के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। दीपावली के 11वें दिन मनाया जाने वाला इगास (बूढ़ी दीपावली) उन पर्वों में से एक है, जो देवभूमि की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है। इस दिन ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष पकवान बनते हैं, लोकगीत गाए जाते हैं, और परिवार एकत्र होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में जहां समाज तेजी से बदल रहा है, वहीं अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखना बेहद जरूरी है। “हमारी लोक परंपराएं हमारी पहचान हैं। यदि हम इन्हें भूल जाएंगे, तो अपनी जड़ों से कट जाएंगे। इगास जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक चेतना को बनाए रखते हैं,” उन्होंने कहा।

राज्य सरकार ने इगास पर अवकाश को दी मान्यता

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इगास पर्व के महत्व और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इसे राजकीय अवकाश के रूप में मान्यता दी है, ताकि उत्तराखंड के लोग अपने पारंपरिक पर्व को पूरे उत्साह के साथ मना सकें। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के पीछे उद्देश्य यही था कि प्रवासी और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले उत्तराखंडवासी भी अपने गांव लौटकर इस त्योहार को अपने परिवार और समुदाय के साथ मना सकें।

उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल एक सांस्कृतिक पहल है, बल्कि यह उत्तराखंड की लोक पहचान और सामुदायिक भावना को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की लोक संस्कृति को सहेजने और संवारने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

युवाओं को लोक संस्कृति से जुड़ने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी लोक संस्कृति, भाषा, संगीत और परंपराओं से जुड़ें तथा इन्हें आधुनिक मंचों पर भी प्रसारित करें। उन्होंने कहा, “आज की युवा पीढ़ी उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर की असली वारिस है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि आने वाली पीढ़ियां हमारी इस समृद्ध परंपरा को गर्व से आगे बढ़ाएं।”

उन्होंने कहा कि राज्य के गांवों में लोककलाओं, पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोक नृत्यों और परिधानों के संरक्षण के लिए भी योजनाएं लागू की जा रही हैं। यह प्रयास है कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान न केवल राज्य तक सीमित रहे बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाए।

प्रवासी उत्तराखंडियों से की अपील

मुख्यमंत्री धामी ने विदेशों और देश के अन्य हिस्सों में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों से भी अपील की कि वे अपने लोक पर्व इगास को अपने मूल गांवों में जाकर मनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जब प्रवासी उत्तराखंडी अपने गांव लौटकर इस पर्व को मनाते हैं, तो इससे न केवल पारिवारिक एकता मजबूत होती है, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक जीवन में भी नई ऊर्जा का संचार होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “राज्य की प्रगति तभी संभव है जब हर उत्तराखंडी अपनी संस्कृति पर गर्व करे और उसके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाए।”

“लोक संस्कृति हमारी पहचान, इसे आगे बढ़ाना हमारा कर्तव्य”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति में निहित मूल्य हमें जीवन की सरलता, समर्पण और सामूहिकता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि “सांस्कृतिक चेतना ही समाज की एकता और अस्तित्व की आधारशिला होती है। इगास पर्व इस चेतना को पुनर्जीवित करने का अवसर है।”

उन्होंने राज्यवासियों से अपील की कि वे अपने स्थानीय रीति-रिवाजों, लोकगीतों और पारंपरिक पर्वों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोक संस्कृति को पाठ्यक्रम, पर्यटन और ग्रामीण विकास से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है, ताकि पारंपरिक पहचान और आधुनिक विकास दोनों का संतुलन बना रहे।

प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि “इगास पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, प्रेम और सद्भाव लाए। आइए, इस पर्व को हम सब मिलकर अपनी जड़ों से जुड़ने और उत्तराखंड की गौरवशाली संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प दिवस बनाएं।”

You Might Also Like

PM नरेंद्र मोदी ने G-20 बैठक का किया आगाज, इन-इन मुद्दों पर मित्र देशों को किया संबोधित
Uttarakhand : दून मेडिकल कॉलेज में मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत, पढें.. 
Uttarakhand: धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: PNG-CNG पर वैट घटा, कलाकारों की पेंशन दोगुनी और डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता
कानपुर: राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के साथ पथरी माता मंदिर और मिलन केंद्र का दौरा किया
देहरादून: डिजिटल मार्केटिंग कंपनी से 2.5 करोड़ रुपये की ठगी और मानहानि, चार लोगों समेत एक निजी फर्म पर मुकदमा दर्ज
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

SBI में बड़ा डेटा लीक! डार्क वेब पर पहुंचे 3,897 ग्राहकों के निजी रिकॉर्ड, नाम-पता से लेकर लोन के दस्तावेज तक उजागर

The Hill India News
The Hill India News
October 21, 2026
देहरादून में पद्मश्री योगी ऐरन के ‘जंगल-मंगल’ पर हमला! 50 लोगों की भीड़ पर तोड़फोड़ और धमकी देने का आरोप, जमीन के दस्तावेज खंगाल रही पुलिस
उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर देश की सियासत गरम, CJP के दो नेता तिहाड़ जेल पहुंचे; राहुल गांधी से केजरीवाल तक ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के किसान से उत्तराखंड के राजभवन तक! कौन हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए विधायक से सांसद और राज्यपाल बनने तक का पूरा सफर
उत्तराखंड में ई-चालान काटना आसान, वसूली बनी बड़ी चुनौती! अब बकाया जुर्माना नहीं भरने वालों की RC, फिटनेस और वाहन ट्रांसफर सेवाओं पर लग सकती है रोक
हरिद्वार में धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक से पहले मां गंगा की शरण में पहुंचे CM धामी और मंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च से हाई अलर्ट! राजीव चौक समेत 6 मेट्रो स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें पूरा अपडेट
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?