By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: Uttarakhand: प्रवासी करेंगे राज्य की दिशा और दशा पर मंथन, दूसरा प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन 5 नवंबर को
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > Uttarakhand: प्रवासी करेंगे राज्य की दिशा और दशा पर मंथन, दूसरा प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन 5 नवंबर को
उत्तराखंडफीचर्ड

Uttarakhand: प्रवासी करेंगे राज्य की दिशा और दशा पर मंथन, दूसरा प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन 5 नवंबर को

The Hill India News
Last updated: October 23, 2025 1:59 pm
The Hill India News
Published: October 23, 2025
Share
SHARE

देहरादून, 23 अक्टूबर: उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में अब प्रवासी उत्तराखंडी अपने विचारों और सुझावों से राज्य के भविष्य की दिशा तय करने जा रहे हैं। आगामी 5 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में आयोजित होने जा रहा दूसरा प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस एक दिवसीय सम्मेलन में देशभर और विदेशों में बसे उत्तराखंड मूल के लोग राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा पर मंथन करेंगे और यह साझा करेंगे कि आने वाले 25 वर्षों में उत्तराखंड को और अधिक आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध कैसे बनाया जा सकता है।

Contents
200 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण, 24 अक्टूबर तक जारी रहेगी प्रक्रियादून विश्वविद्यालय बनेगा उत्तराखंडी भावनाओं का केंद्रमुख्यमंत्री करेंगे सीधा संवादसम्मेलन में सांस्कृतिक झलक और परंपरागत लोक रंगराज्य विकास में प्रवासियों की भागीदारी अहम: मुख्यमंत्री धामीराष्ट्रव्यापी पहचान बना रहा है उत्तराखंडी नेटवर्क“रजत जयंती वर्ष में नया आयाम”‘उत्तराखंडियत’ की भावना को मजबूत करने की पहल

200 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण, 24 अक्टूबर तक जारी रहेगी प्रक्रिया

इस सम्मेलन के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है, जो 24 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक चलेगी। प्रवासी उत्तराखंड प्रकोष्ठ की वेबसाइट www.pravasiuttarakhandi.uk.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
प्रवासी उत्तराखंड प्रकोष्ठ के अनुसार अब तक उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड सहित कई राज्यों से 200 से अधिक प्रतिभागी पंजीकरण करा चुके हैं। संख्या में और वृद्धि की संभावना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वर्ष 2024 से प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन की परंपरा शुरू की गई थी। पिछले वर्ष आयोजित पहले सम्मेलन में 17 राज्यों से 200 से अधिक प्रवासी उत्तराखंडी शामिल हुए थे। इस बार प्रतिभागियों की संख्या पिछले वर्ष से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे सम्मेलन और भी व्यापक स्वरूप लेने जा रहा है।


दून विश्वविद्यालय बनेगा उत्तराखंडी भावनाओं का केंद्र

इस बार का सम्मेलन दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे होगी। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आर.के. सुधांशु ने बताया कि सम्मेलन को दो मुख्य सत्रों में बांटा गया है, जिनमें राज्य के विकास से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

पहला सत्र पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास से संबंधित होगा, जिसके नोडल अधिकारी वन विभाग के पीसीसीएफ एस.पी. सुबुद्धि को बनाया गया है। वहीं दूसरा सत्र स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगा, जिसका समन्वय दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल करेंगी।


मुख्यमंत्री करेंगे सीधा संवाद

सम्मेलन का सबसे प्रमुख आकर्षण रहेगा — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ सीधा संवाद सत्र, जो लगभग एक घंटे का होगा। इस दौरान प्रवासी प्रतिभागी मुख्यमंत्री से अपनी जिज्ञासाएं, सुझाव और विचार साझा कर सकेंगे। प्रमुख सचिव सुधांशु के अनुसार, इस सत्र का उद्देश्य प्रवासी उत्तराखंडियों की “मूल भूमि से जुड़ाव” को और गहरा करना तथा उन्हें राज्य के विकास में साझेदार बनाना है।


सम्मेलन में सांस्कृतिक झलक और परंपरागत लोक रंग

सम्मेलन के समापन के बाद शाम को दून विश्वविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, संगीत, नृत्य और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। इसका उद्देश्य प्रवासियों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।


राज्य विकास में प्रवासियों की भागीदारी अहम: मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन को लेकर कहा —

“प्रवासियों को एक मंच पर लाने और उन्हें अपनी मातृभूमि से सक्रिय रूप से जोड़ने के साथ-साथ राज्य के विकास में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। पिछले सम्मेलन से हमें अत्यंत सकारात्मक अनुभव प्राप्त हुए। इस बार भी हम उम्मीद करते हैं कि प्रवासी उत्तराखंडियों के विचार और सुझाव आने वाले वर्षों में राज्य के विकास का ‘रोडमैप’ तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।”

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने 25 वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है और अब समय है कि प्रवासी उत्तराखंडी भी अपने अनुभव, संसाधन और दृष्टिकोण के साथ इस यात्रा में योगदान दें।


राष्ट्रव्यापी पहचान बना रहा है उत्तराखंडी नेटवर्क

राज्य सरकार का मानना है कि प्रवासी उत्तराखंडी न केवल अपने-अपने राज्यों में बल्कि विदेशों में भी उत्तराखंड की पहचान को सशक्त बना रहे हैं। सरकार की योजना है कि इन प्रवासियों की विशेषज्ञता, तकनीकी अनुभव और उद्यमशीलता क्षमता का उपयोग राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में किया जाए। पहले सम्मेलन में प्रवासियों ने नवाचार, उद्यम, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की इच्छा जताई थी। इस बार भी ऐसी उम्मीद है कि सम्मेलन से कई नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।


“रजत जयंती वर्ष में नया आयाम”

राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित यह सम्मेलन केवल एक सांकेतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड के अगले 25 वर्षों के विजन डाक्युमेंट का आधार माना जा रहा है। प्रवासी उत्तराखंडी अपने सुझावों के माध्यम से यह तय करेंगे कि कैसे राज्य को ग्रीन इकोनॉमी, पर्यटन, डिजिटल गवर्नेंस और रोजगार सृजन के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सकता है।


‘उत्तराखंडियत’ की भावना को मजबूत करने की पहल

सम्मेलन का एक बड़ा उद्देश्य “उत्तराखंडियत की भावना” को सशक्त बनाना है। राज्य सरकार चाहती है कि चाहे कोई व्यक्ति देश में कहीं भी रहे या विदेश में, उसका जुड़ाव अपनी मातृभूमि से कायम रहे। सरकार का मानना है कि उत्तराखंडी समुदाय की सामूहिक ऊर्जा, राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण पूंजी है।

दूसरा प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन केवल एक बैठक या आयोजन भर नहीं है — यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बनने जा रहा है। जिस प्रकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, उसी के अनुरूप यह सम्मेलन प्रवासी समुदाय को “भागीदार” के रूप में जोड़ने की ऐतिहासिक पहल है।

5 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में होने वाला यह सम्मेलन इस बात का साक्षी बनेगा कि जहां भी उत्तराखंडी हैं — वहां उत्तराखंड है।

You Might Also Like

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
शिक्षक दिवस पर ‘शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार’ से शिक्षकों को सम्मानित
US House Speaker Nancy Pelosi reaches Taiwan amid US-China conflict
ईरानी एक्ट्रेस को मैसेज भेजने के आरोपों के बीच फिर चर्चा में आया मैक्रों ‘थप्पड़ कांड’, नई किताब ने किए बड़े दावे
सोनम वांगचुक के सपोर्ट में यूपी के पूर्व CM अखिलेश, कहा- ‘लद्दाख के मुद्दे को बड़े चश्मे से देखने की जरूरत’
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

दिवाली पर पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख! पूरी तरह बैन नहीं, लेकिन 24 घंटे पटाखे चलाने की भी नहीं मिलेगी छूट; तय समय पर ही इस्तेमाल के संकेत

The Hill India News
The Hill India News
September 30, 2026
I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक में बड़ा ऐलान! खड़गे ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा, SIR से लेकर बैलेट पेपर तक 6 बड़ी मांगों पर जोर
महेंद्र भट्ट के गृह क्षेत्र में ABVP को बड़ा झटका! नागनाथ पोखरी छात्रसंघ चुनाव में आर्यन ग्रुप का दबदबा, सभी प्रमुख पदों पर जीत
झबरेड़ा डबल मर्डर का आरोपी अमन मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली; बहन और पड़ोसी युवक की हत्या के बाद चार दिन से था फरार
महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! 2 अक्टूबर को 2.5 लाख से ज्यादा खातों में पहुंचेगा ₹1500, सरकार ने शुरू की भुगतान की तैयारी
एशियन गेम्स में भारत का ‘गोल्डन एरो’ वार! तीरंदाजी में दो गोल्ड से मचा तहलका, महिला टीम ने चीन को हराया तो चिकिता-साहिल ने शूट-ऑफ में जीता सोना
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: SIR पूरा होते ही Form 6 से हटेगा अतिरिक्त घोषणा पत्र, नए वोटरों को नहीं देनी होगी पुरानी वोटर लिस्ट की जानकारी
अरब सागर में नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार! ₹3,000 करोड़ की ड्रग्स जब्त, ईरानी नाव से 5 पाकिस्तानी नागरिक पकड़े गए
दुनिया पर मंडरा रहा ‘4F’ संकट! महंगा तेल तो सिर्फ शुरुआत, जयशंकर ने खाद्य संकट को लेकर दी बड़ी चेतावनी
अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगी बैंक शाखाएं! गांधी जयंती से दशहरा और करवा चौथ तक छुट्टियों की लंबी लिस्ट, काम निपटाने से पहले देखें पूरी तारीखें
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?