नैनीताल: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मंगलवार को हाई ड्रामा देखने को मिला। मामला सीधे उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंच गया, जहां कोर्ट ने साफ निर्देश दिया कि हर एक सदस्य को वोटिंग में शामिल किया जाना जरूरी है। इस आदेश के बाद चुनाव प्रक्रिया में खलबली मच गई है।
10 सदस्य पुलिस सुरक्षा में वोटिंग के लिए लाए जाएंगे
कोर्ट के आदेश के अनुसार, जिन सदस्यों को मतदान में शामिल नहीं किया गया था, उन्हें तत्काल प्रभाव से शामिल किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 10 सदस्यों को पुलिस सुरक्षा में मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा। इनमें वे सदस्य भी शामिल हैं जिन्हें पहले सुरक्षा कारणों से रोका गया था।
5 सदस्य रहस्यमय तरीके से गायब
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब पता चला कि पांच सदस्य अचानक गायब हो गए हैं। कोर्ट ने नैनीताल के एसएसपी को इन सदस्यों की लोकेशन पता करने और उन्हें सुरक्षित तरीके से मतदान स्थल तक लाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
कोर्ट ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया है कि जांच की जाए कि क्या ये सदस्य अपनी मर्जी से गए हैं या फिर इन्हें जबरन कहीं ले जाया गया है। इस संबंध में पांचों सदस्यों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए जाएंगे।
सीसीटीवी फुटेज की जांच का आदेश
गायब सदस्यों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कोर्ट ने उनके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच का आदेश दिया है। पुलिस टीम अब उन इलाकों से रिकॉर्डिंग जुटा रही है, जहां इन सदस्यों को आखिरी बार देखा गया था।
वोटिंग आज ही होगी, समय बढ़ सकता है
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदान प्रक्रिया आज ही पूरी की जाए। हालांकि, अगर जरूरत पड़ी तो वोटिंग का समय बढ़ाया भी जा सकता है। कोर्ट का कहना है कि किसी भी सदस्य को वोटिंग से वंचित नहीं किया जा सकता।
शाम चार बजे होगी अगली सुनवाई
कोर्ट ने इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई शाम 4 बजे तय की है। तब तक पुलिस और प्रशासन को कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
राजनीतिक हलचल तेज
इस मामले ने नैनीताल की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा करार दे रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि वे कोर्ट के आदेश का सम्मान करेंगे और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेंगे।



