By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: भारतीय सेना ने अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए ‘एकलव्य’ ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > दिल्ली > भारतीय सेना ने अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए ‘एकलव्य’ ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया
दिल्लीदेशफीचर्ड

भारतीय सेना ने अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए ‘एकलव्य’ ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया

The Hill India News
Last updated: November 28, 2024 2:37 pm
The Hill India News
Published: November 28, 2024
Share
SHARE

थल सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आज भारतीय सेना के लिए “एकलव्य” नामक एक ऑनलाइन शिक्षण मंच का शुभारंभ किया। यह पहल भारतीय सेना द्वारा स्वयं को “परिवर्तन के दशक” में आगे बढ़ाने के साथ श्रेणीबद्ध है और यह सेनाध्यक्ष द्वारा परिकल्पित भी है। इसके साथ ही यह 2024 के लिए भारतीय सेना की विषय-वस्तु “प्रौद्योगिकी समावेशन का वर्ष” के अनुरूप है।

एकलव्य सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म को सेना प्रशिक्षण कमान मुख्यालय के तत्वावधान में विकसित किया गया है, जिसमें प्रायोजक एजेंसी आर्मी वॉर कॉलेज है। इस प्लेटफॉर्म को गांधीनगर स्थित “भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू सूचना विज्ञान संस्थान” (बीआईएसएजी-एन) द्वारा शून्य लागत पर विकसित किया गया है और साथ ही इसे सूचना प्रणाली महानिदेशालय का भी सहयोग प्राप्त हुआ है।

इस प्लेटफॉर्म को आर्मी डेटा नेटवर्क पर होस्ट किया गया है और इसमें एक स्केलेबल आर्किटेक्चर है। यह मुख्यालय आर्मी ट्रेनिंग कमांड को भारतीय सेना के किसी भी प्रशिक्षण प्रतिष्ठान को सहजता से एकीकृत करने में सक्षम बनाता है, जिनमें से प्रत्येक व्यापक श्रेणी के पाठ्यक्रमों की मेजबानी करने में सक्षम है। इसमें अध्ययनरत अधिकारियों को एक साथ कई पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण करने की अनुमति है। भारतीय सेना के 17 श्रेणी ‘ए’ प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों द्वारा कुल 96 पाठ्यक्रम पहले ही इस प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए जा चुके हैं।

एकलव्य प्लेटफॉर्म पर पाठ्यक्रमों की तीन श्रेणियां हैं। पहली श्रेणी ‘प्री-कोर्स प्रिपरेटरी कैप्सूल’ है, जिसमें विभिन्न श्रेणी ‘ए’ प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों में आयोजित किए जा रहे सभी ऑफलाइन पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन सामग्री है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में “मूल बातें” स्थानांतरित करना है, ताकि दस्तावेजी पाठ्यक्रमों में “अनुप्रयोग भाग” पर ध्यान केंद्रित करते हुए अधिक से अधिक समकालीन विषय-वस्तु उपलब्ध हो। इससे मौजूदा पाठ्यक्रमों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी और साथ ही युद्ध के बदलते स्वरूप के अनुसार उभरती अवधारणाओं को जोड़ने के लिए समय भी मिलेगा। इसका एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छात्र अपनी सेवा के किसी भी बिंदु पर किसी भी पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। यानी ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण को दस्तावेजी पाठ्यक्रमों में नामांकन से अलग कर दिया गया है।

पाठ्यक्रमों की दूसरी श्रेणी “नियुक्ति या विशिष्ट असाइनमेंट-संबंधी पाठ्यक्रम” हैं। कुछ विशेषज्ञ नियुक्तियों पर तैनात होने वाले अधिकारियों को कार्यस्थल पर प्रशिक्षण (ओजेटी) प्राप्त करके कौशल सीखना पड़ता है और इस प्रक्रिया के माध्यम से उन नियुक्तियों में पूर्ण दक्षता के साथ कार्य करने के लिए उन्हें एक निश्चित समय लगता है। ऐसी कुछ नियुक्तियां सूचना युद्ध, रक्षा भूमि प्रबंधन, वित्तीय योजना, अनुशासन एवं सतर्कता, निर्माण, अध्यक्षता, भूतपूर्व सैनिकों के मुद्दों पर ध्यान देने आदि के क्षेत्र में हैं। इसलिए, इन अधिकारियों के लिए यह लाभदायक होगा कि वे अपनी पोस्टिंग ऑर्डर प्राप्त करते ही संबंधित डोमेन में ऑनलाइन कैप्सूल कोर्स करें। इस श्रेणी के कोर्स से अधिकारियों को अपनी पसंद के क्षेत्र में डोमेन विशेषज्ञता प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी और उन्हें रोजगार नियोजन में अधिक मदद मिलेगी।

पाठ्यक्रमों की तीसरी श्रेणी “प्रोफेशनल डेवलपमेंट सूट” है, जिसमें रणनीति, परिचालन कला, नेतृत्व, संगठनात्मक व्यवहार, वित्त, पढ़ने की कला, पावर राइटिंग, उभरती प्रौद्योगिकी आदि पर पाठ्यक्रम शामिल हैं।

एकलव्य प्लेटफार्म में खोज योग्य “नॉलेज हाईवे” की कार्यक्षमता भी है, जिसमें विभिन्न पत्रिकाएं, शोध पत्र और लेख आदि एक ही विंडो के अंतर्गत अपलोड किए जाते हैं। यह मंच अधिकारियों में सतत व्यावसायिक सैन्य शिक्षा को प्रोत्साहित करने, मौजूदा शारीरिक पाठ्यक्रम को समृद्ध बनाने, विशेषज्ञ नियुक्तियों के लिए अधिकारियों को तैयार करने और डोमेन विशेषज्ञता को प्रोत्साहित करने में एक लंबा मार्ग तय करेगा।

You Might Also Like

उत्तराखंड में ‘जनसांख्यिकीय हमले’ पर धामी सरकार का सर्जिकल स्ट्राइक: 2003 से अब तक के परिवार रजिस्टर खंगालेगी SIT, फर्जी नाम होंगे बाहर
नई दिल्ली :सशस्त्र बलों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं-प्रधानमंत्री मोदी
हरिद्वार: पूर्व विधायक चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप सिंह की दो रिवॉल्वर और एक बंदूक के लाइसेंस रद्द
गोवा : फिल्म उद्योग में फिल्मों की शूटिंग, सह-निर्माण, पोस्ट-प्रोडक्शन और प्रौद्योगिकी साझेदारों का केंद्र बनेगा भारत: अनुराग ठाकुर
उत्तराखण्ड : गोरखा समाज का इतिहास गौरवशाली संस्कृति, समृद्ध परंपराओं और अदम्य वीरता का प्रतीक है : मुख्यमंत्री धामी
TAGGED:'Eklavya' online digital platformIndian Armyofficerstraining
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डमौसम

मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम

The Hill India News
The Hill India News
June 25, 2026
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
उत्तराखंड की बेटी सपना राणा को जर्मनी में मिली ₹3.30 लाख की नौकरी, CM धामी की वैश्विक रोजगार योजना का बड़ा असर
प्यार, साजिश और मौत: मंगेतर सिया ने प्रेमी के साथ मिलकर रचा केतन की हत्या का खौफनाक खेल, कैफे में बना था पूरा प्लान
राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर: बदल सकते हैं अनाज वितरण के नियम, प्रति व्यक्ति मिलेगा राशन, सरकार लाई नया प्रस्ताव
कोलकाता में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, दर्जनों मजदूरों के दबे होने की आशंका, राहत-बचाव अभियान तेज
उत्तराखंड कृषि जगत को अपूरणीय क्षति: पूर्व कृषि निदेशक गौरी शंकर का निधन, किसानों के सच्चे हितैषी को नम आंखों से दी जाएगी अंतिम विदाई
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?