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नोएडा हिंसा का खुलासा: ‘X Storm’ व्हाट्सऐप ग्रुप से भड़काई गई आग, 274 सदस्यों के जरिए रची गई बड़ी साजिश

The Hill India News
Last updated: April 21, 2026 6:38 am
The Hill India News
Published: April 21, 2026
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नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का कथित मास्टरमाइंड आदित्य आनंद बताया जा रहा है, जिसने पुलिस पूछताछ में कई अहम जानकारी दी है। सबसे बड़ा खुलासा ‘X Storm’ नाम के एक व्हाट्सऐप ग्रुप को लेकर हुआ है, जिसमें 274 सदस्य जुड़े हुए थे और जिसका इस्तेमाल कथित रूप से भड़काऊ मैसेज और वीडियो फैलाने के लिए किया जा रहा था।

पुलिस के मुताबिक, यह हिंसा अचानक नहीं भड़की थी, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित रणनीति थी। आदित्य आनंद ने पूछताछ में बताया कि मजदूरों के आंदोलन की आड़ लेकर माहौल को भड़काने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम का सहारा लिया गया। ‘X Storm’ ग्रुप इसी रणनीति का एक अहम हिस्सा था, जहां लोगों को उकसाने और भीड़ जुटाने का काम किया जाता था।

जांच में सामने आया है कि इन ग्रुप्स में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को जोड़ा गया था। उन्हें लगातार ऐसे मैसेज और वीडियो भेजे जाते थे, जिससे असंतोष बढ़े और वे सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित हों। पुलिस का कहना है कि इन संदेशों का मकसद सिर्फ विरोध प्रदर्शन कराना नहीं था, बल्कि हालात को हिंसक बनाना भी था।

आदित्य आनंद की प्रोफाइल भी काफी चौंकाने वाली है। उसने लेबर स्टडी में एमए किया हुआ है और वह पीएचडी की पढ़ाई कर रहा था। साल 2022 में उसे कैंपस प्लेसमेंट के जरिए नौकरी मिली थी और उसकी सैलरी करीब एक लाख रुपये प्रति माह बताई जा रही है। आरोप है कि वह अपनी कमाई का इस्तेमाल इस पूरी साजिश को अंजाम देने में कर रहा था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कॉलेज के दौरान ही आदित्य कुछ अल्ट्रा लेफ्ट विचारधारा वाले समूहों के संपर्क में आया था। वहीं से उसके विचारों में बदलाव आया और उसने इस तरह की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की। वह पहले गुरुग्राम में रहता था और बाद में नोएडा आकर बस गया था। नोएडा में उसने एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल के मकान में किराए पर फ्लैट लिया था, जिसे कथित तौर पर इस पूरी साजिश का संचालन केंद्र बनाया गया।

नोएडा के अरुण विहार में पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों में पूरी साजिश का ब्लूप्रिंट मौजूद था। इनमें विस्तार से लिखा गया था कि किस चरण में क्या करना है, कब और कहां लोगों को इकट्ठा करना है, और किस तरह से प्रदर्शन को आगे बढ़ाना है। यहां तक कि यह भी तय किया गया था कि व्हाट्सऐप ग्रुप कब बनाया जाएगा, कौन एडमिन बनेगा और कब ग्रुप से बाहर निकलना है।

इन दस्तावेजों में मानेसर से नोएडा तक एक श्रृंखलाबद्ध प्रदर्शन की योजना का भी जिक्र है। जांच एजेंसियों के अनुसार, करावल नगर, मानेसर और नोएडा को जोड़कर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की कोशिश की जा रही थी। फरवरी महीने में ही बड़े स्तर पर लेबर स्ट्राइक की योजना बनाई गई थी, जिसका मकसद प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करना था।

मार्च के अंत से अप्रैल की शुरुआत तक मानेसर और आसपास के इलाकों में मजदूरों का प्रदर्शन देखा गया। 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच अरुण विहार में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी थी। पुलिस का कहना है कि अलग-अलग संगठनों के फ्रंट के जरिए भीड़ को इकट्ठा किया गया और धीरे-धीरे माहौल को हिंसक बनाया गया।

बरामद दस्तावेजों के अनुसार, इस पूरे आंदोलन को मई 2026 तक जारी रखने की योजना थी। इसका उद्देश्य धीरे-धीरे दायरा बढ़ाकर व्यापक प्रभाव डालना था। पुलिस अब इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है और यह जांचने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

फिलहाल, पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए साइबर एंगल से भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए इस तरह की साजिशें रचना कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।

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