मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हरियाणा के सोनीपत से लेकर बिहार के बेगूसराय तक जुड़े आरोपियों के तार; दो आरोपियों पर पहले से बाइक चोरी और आर्म्स एक्ट के मुकदमे, अब मुंबई पुलिस करेगी आगे की जांच।
कोटा/मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वारदात के बाद फरार होने की कोशिश कर रहे तीन आरोपियों को राजस्थान की कोटा पुलिस ने ट्रेन में तलाशी अभियान चलाकर पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की योजना जयपुर से दिल्ली पहुंचने और वहां से नेपाल की ओर भागने की थी। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के चलते उनकी यह कोशिश नाकाम हो गई।
कोटा शहर की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई पुलिस के डीसीपी क्राइम से सूचना मिलने के बाद कोटा पुलिस को तत्काल सक्रिय कर दिया गया था। आरोपियों के ट्रेन में सफर करने की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। करीब 15 मिनट के भीतर ट्रेन की तलाशी पूरी कर ली गई और संदिग्धों को पकड़ लिया गया।
इस मामले में हरियाणा के सोनीपत और बिहार के बेगूसराय से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग शामिल हैं। अब इस मामले की आगे की जांच मुंबई पुलिस करेगी।
वारदात के बाद भागने का बनाया था प्लान, जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल जाने की तैयारी
पुलिस के अनुसार, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद आरोपी जल्द से जल्द मुंबई से दूर निकलने की कोशिश में थे। उनकी योजना ट्रेन से यात्रा करते हुए जयपुर पहुंचने और वहां से बस के जरिए दिल्ली जाने की थी। इसके बाद नेपाल की ओर भागने की तैयारी बताई गई है।
हालांकि, आरोपियों की यह योजना पूरी होने से पहले ही पुलिस को उनके सफर की जानकारी मिल गई। मुंबई पुलिस की ओर से कोटा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद रेलवे मार्ग पर निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्ध ट्रेन की तलाशी लेने का फैसला किया गया।
पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए ट्रेन को खंगालना शुरू किया। महज 15 मिनट में तलाशी पूरी कर आरोपियों को पकड़ लिया गया। संभावित भागने के रास्तों पर भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, ताकि आरोपी किसी भी तरह से भागने में सफल न हो सकें।
इस कार्रवाई के बाद तीनों को हिरासत में लिया गया। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें मुंबई पुलिस को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि फायरिंग की घटना और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके।
हरियाणा से बिहार तक जुड़े तार, मुंबई में रहकर करता था रैपिडो चलाने का काम
इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, रेहान उर्फ सुक्का हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। वहीं, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन बिहार के बेगूसराय जिले के पिपरई का निवासी बताया गया है। पुलिस के अनुसार, ऋतिक कई वर्षों से मुंबई में रह रहा था और रैपिडो चालक के रूप में काम करता था।
पुलिस ने एक नाबालिग को भी पकड़ा है, जिसके बारे में बताया गया कि वह सोनीपत से जुड़ा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रेहान और नाबालिग मजदूरी से जुड़े हुए थे।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में से दो के खिलाफ पहले से बाइक चोरी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। इन पुराने मामलों की जानकारी भी आगे की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, किसी पुराने मुकदमे में नाम होने से मौजूदा मामले में किसी व्यक्ति का दोष स्वतः साबित नहीं होता। टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना में प्रत्येक आरोपी की भूमिका जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
अनिल पंडित की भूमिका की भी जांच, रेहान के संपर्क में होने की बात आई सामने
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में एक और अहम जानकारी सामने आने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग की जिम्मेदारी लेने वाला अनिल पंडित रेहान के संपर्क में था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि रेहान ने सोनीपत के एक नाबालिग को अपने साथ लिया था।
हालांकि, इन संपर्कों की प्रकृति, घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और फायरिंग के पीछे की वजहों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जरूरत है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वारदात की योजना किसने बनाई, आरोपियों के बीच क्या बातचीत हुई और घटना को अंजाम देने के पीछे क्या उद्देश्य था।
यह भी जांच का विषय होगा कि फायरिंग के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए, घटना में कितने लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या समूह भी सक्रिय था।
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों के पास से तलाशी के दौरान कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। ऐसे में वारदात में इस्तेमाल हथियार और उससे जुड़े अन्य साक्ष्यों का पता लगाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
कोटा पुलिस की तेजी से टली आरोपियों के फरार होने की कोशिश
इस पूरे घटनाक्रम में कोटा पुलिस की त्वरित कार्रवाई अहम रही। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि मुंबई पुलिस के डीसीपी क्राइम से सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को तुरंत अलर्ट किया गया था।
ट्रेन में संदिग्धों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने ट्रेन को घेरकर जांच की और संभावित भागने के रास्तों पर भी निगरानी रखी। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान करीब 15 मिनट में पूरा कर लिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई से आरोपियों के दिल्ली पहुंचकर आगे नेपाल की ओर भागने की कथित योजना पर रोक लग गई। अब आगे की जांच मुंबई पुलिस के जिम्मे होगी, जो आरोपियों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी।
अब मुंबई पुलिस करेगी मामले की विस्तृत जांच
कोटा पुलिस की ओर से आरोपियों को पकड़ने के बाद अब जांच का अगला चरण मुंबई पुलिस के पास है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग क्यों की गई और इस घटना के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच में आरोपियों के आपसी संपर्क, घटना से पहले और बाद की गतिविधियों, संभावित साजिश, हथियारों के स्रोत और फरार होने की योजना से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। साथ ही, पुलिस यह भी स्पष्ट करेगी कि अनिल पंडित, रेहान और अन्य संदिग्धों के बीच क्या संबंध था और फायरिंग की जिम्मेदारी लेने के दावे की वास्तविकता क्या है।
फिलहाल, कोटा पुलिस की कार्रवाई में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। मामले की पूरी सच्चाई सामने आने के लिए आगे की पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया का इंतजार करना होगा।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा पुलिस की कार्रवाई ने आरोपियों के फरार होने की कोशिश को नाकाम कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि फायरिंग की साजिश किसने रची, हथियार कहां से आया और इस पूरे मामले में अन्य किन लोगों की भूमिका सामने आती है। इन सवालों के जवाब मुंबई पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
