By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड कृषि जगत को अपूरणीय क्षति: पूर्व कृषि निदेशक गौरी शंकर का निधन, किसानों के सच्चे हितैषी को नम आंखों से दी जाएगी अंतिम विदाई
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड कृषि जगत को अपूरणीय क्षति: पूर्व कृषि निदेशक गौरी शंकर का निधन, किसानों के सच्चे हितैषी को नम आंखों से दी जाएगी अंतिम विदाई
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड कृषि जगत को अपूरणीय क्षति: पूर्व कृषि निदेशक गौरी शंकर का निधन, किसानों के सच्चे हितैषी को नम आंखों से दी जाएगी अंतिम विदाई

The Hill India News
Last updated: June 24, 2026 10:17 am
The Hill India News
Published: June 24, 2026
Share
SHARE

देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र के लिए बुधवार का दिन एक अत्यंत दुखद समाचार लेकर आया। राज्य के पूर्व कृषि निदेशक गौरी शंकर का हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) के कारण आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही कृषि विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, सामाजिक संगठनों और हजारों किसानों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। उत्तराखंड के कृषि विकास में उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को हल्द्वानी में पूरे राजकीय सम्मान और श्रद्धा के साथ किया जाएगा।

Contents
लगभग एक दशक तक संभाली कृषि विभाग की कमानजैविक खेती को दिलाई राष्ट्रीय पहचानकिसानों तक योजनाओं को पहुंचाने में निभाई अहम भूमिकासौम्य व्यक्तित्व और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में मिली पहचानकृषि जगत में हमेशा याद किए जाएंगे गौरी शंकर

बताया जा रहा है कि गौरी शंकर हाल ही में दिल्ली से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर लौटे थे। किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि कृषि क्षेत्र का यह अनुभवी और दूरदर्शी व्यक्तित्व इतनी जल्दी सभी को छोड़कर चला जाएगा। उनके निधन की सूचना मिलते ही प्रदेश भर से शोक संदेशों का सिलसिला शुरू हो गया।

लगभग एक दशक तक संभाली कृषि विभाग की कमान

गौरी शंकर का नाम उत्तराखंड कृषि विभाग के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्होंने 1 जुलाई 2015 से 22 दिसंबर 2023 तक लगभग साढ़े आठ वर्षों तक उत्तराखंड के कृषि निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दीं। यह कार्यकाल राज्य गठन के बाद कृषि विभाग में सबसे लंबे और प्रभावशाली नेतृत्व कालों में गिना जाता है।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न केवल विभागीय योजनाओं को नई दिशा दी बल्कि कृषि को रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाने के लिए भी कई अभिनव प्रयास किए। उनके नेतृत्व में कृषि विभाग ने अनेक नई ऊंचाइयों को छुआ और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया।

जैविक खेती को दिलाई राष्ट्रीय पहचान

उत्तराखंड की पर्वतीय परिस्थितियों को समझते हुए गौरी शंकर ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने उत्तराखंड स्टेट ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी (USOCA) के माध्यम से हजारों किसानों को जैविक खेती से जोड़ने का अभियान चलाया। उनके प्रयासों से उत्तराखंड के कई उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान मिली।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में जैविक कृषि को जो मजबूती आज दिखाई देती है, उसमें गौरी शंकर की दूरदर्शी सोच और प्रभावी रणनीतियों का महत्वपूर्ण योगदान है।

किसानों तक योजनाओं को पहुंचाने में निभाई अहम भूमिका

गौरी शंकर हमेशा मानते थे कि योजनाओं की सफलता तभी है जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan), मिलेट मिशन, कृषि यंत्रीकरण योजना, बीज वितरण कार्यक्रम तथा अन्य केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए।

उनके निर्देशन में विभागीय अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर किसानों को योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया। यही कारण है कि प्रदेश के अनेक किसान उन्हें अपना मार्गदर्शक और हितैषी मानते थे।

सौम्य व्यक्तित्व और उत्कृष्ट प्रशासक के रूप में मिली पहचान

गौरी शंकर केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं थे, बल्कि अपने सरल, सहज और मिलनसार स्वभाव के कारण भी बेहद लोकप्रिय थे। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उन्हें एक ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में याद करते हैं जो हमेशा टीम भावना में विश्वास रखते थे और हर स्तर के कर्मचारी की बात को गंभीरता से सुनते थे।

उनके साथ कार्य कर चुके अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कृषि और उद्यान विभाग के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, विभागीय समन्वय बढ़ाने तथा तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कृषि जगत में हमेशा याद किए जाएंगे गौरी शंकर

गौरी शंकर का निधन उत्तराखंड कृषि विभाग और किसान समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में किसानों के कल्याण, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य किया। उनकी दूरदर्शिता, कार्यनिष्ठा और किसानों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

आज जब पूरा उत्तराखंड उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, तब हर किसी की जुबान पर एक ही बात है—गौरी शंकर भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन कृषि विकास के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य और किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा जीवित रहेगी। उनकी स्मृतियां और योगदान उत्तराखंड के कृषि इतिहास का अमूल्य अध्याय बनकर सदैव याद किए जाएंगे।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे तथा शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति दे।

You Might Also Like

नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ करने का आरोपी शिक्षक गया सलाखों के पीछे
ISI का खौफनाक ‘डिजिटल ट्रैप’: अब 14 साल के बच्चे करेंगे जासूसी? सुरक्षा एजेंसियों ने किया ‘टीनएज स्पाई नेटवर्क’ का पर्दाफाश
CM धामी ने “विजय दिवस” पर आयोजित कार्यक्रम में कारगिल शहीदों को दी श्रद्धांजलि
120 KM रफ्तार की हवाओं के साथ ‘रेमल’ का कहर, पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में शुरू हुआ लैंडफॉल
Uttrakhand : नमक और चीनी पर दी जानी वाली 50 प्रतिशत सब्सिडी को लाया जाएगा अगली कैबिनेट बैठक में-रेखा आर्या
TAGGED:Former Agriculture DirectorGauri ShankarHALDWANILegacy of LeadershipTribute to Gauri ShankarUttarakhand Agriculture
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तर प्रदेशक्राइमफीचर्ड

डेटिंग ऐप पर दोस्ती, फिर ब्लैकमेलिंग का खेल! शादी के सपने दिखाकर करोड़ों की वसूली का आरोप, 5 लोग पहुंचे जेल

The Hill India News
The Hill India News
August 8, 2026
कश्मीर में आतंक की ‘ऑनलाइन फैक्ट्री’ पर बड़ा प्रहार! 5 जिलों में सुबह-सुबह ताबड़तोड़ छापेमारी, 5000 लोगों से पूछताछ के बाद सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा एक्शन
IND vs SL: श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका, साई सुदर्शन बाहर! नंबर-3 पर देवदत्त पडिक्कल का दावा मजबूत
अकाली दल का बड़ा ऐलान: महिला आरक्षण और परिसीमन बिल का करेगा समर्थन, क्या फिर करीब आ रहे BJP और SAD?
भागीरथी में सीवेज बहाने के आरोप पर NGT सख्त, देवप्रयाग नगर पालिका से मांगी विस्तृत रिपोर्ट; 16 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
हल्द्वानी में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, खड़गे ने भरी हुंकार—‘लाओ, लाओ कांग्रेस लाओ’, चुनावी रण के लिए कार्यकर्ताओं में भरा जोश
छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन पर नया कानून लागू: 60 दिन पहले प्रशासन को देनी होगी सूचना, प्रस्तावित धर्म परिवर्तन की जानकारी होगी सार्वजनिक
दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड! अगस्त के पहले हफ्ते में 127 मिमी पानी, 7 डिग्री तक गिरा तापमान; गुरुग्राम में रेड अलर्ट से बढ़ी चिंता
हिमाचल के चंबा में भीषण बस हादसा: पहाड़ी से सड़क पर आ गिरी बस, 7 लोगों की मौत; कई घायल, मौके पर मचा हड़कंप
उत्तराखंड के लाखों श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब हर महीने 7 तारीख तक खाते में आएगी मजदूरी, ओवरटाइम का मिलेगा दोगुना पैसा; महिलाओं को समान काम का समान वेतन
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?