देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में महंगी और लग्जरी कारों के साथ अब पसंदीदा और फैंसी नंबरों का क्रेज भी तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। परिवहन विभाग की ओर से कराई जा रही ऑनलाइन नीलामी में लोग अपनी पसंद के नंबर हासिल करने के लिए लाखों रुपये तक खर्च करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। इस बार UK 07 HP 0001 नंबर के लिए लगी बोली ने खास तौर पर सबका ध्यान खींचा है। देहरादून निवासी हरजिंदर सिंह ने इस वीआईपी नंबर के लिए 13 लाख 91 हजार रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर इसे हासिल किया है। यह नंबर उनकी नई मर्सिडीज GLS कार पर लगाया जाएगा।
फैंसी नंबरों को लेकर लोगों के बीच बढ़ती दिलचस्पी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही व्यक्ति ने अपनी दो गाड़ियों के लिए बेहद महंगे नंबर खरीदे हैं। हरजिंदर सिंह ने अपनी दूसरी गाड़ी के लिए भी UK 07 HP 0003 नंबर हासिल किया है। इसके लिए उन्होंने 9 लाख 4 हजार रुपये की बोली लगाई। इस तरह केवल इन दो फैंसी नंबरों के लिए ही उन्होंने करीब 22.95 लाख रुपये खर्च किए हैं।
0001 नंबर के लिए लगी सबसे बड़ी बोली
देहरादून आरटीओ विभाग के अनुसार, इस बार UK 07 HP सीरीज में कुल 27 फैंसी नंबरों की ऑनलाइन बोली लगाई गई। इनमें सबसे ज्यादा आकर्षण 0001 नंबर को लेकर रहा। इस नंबर के लिए 13 लाख 91 हजार रुपये की बोली लगाई गई, जो अब तक की सबसे ऊंची बोली बताई जा रही है।
0001 नंबर को देशभर में वीआईपी और प्रतिष्ठित नंबरों में गिना जाता है। कई वाहन मालिक इसे अपनी पहचान और स्टेटस से जोड़कर देखते हैं। यही वजह है कि इसकी शुरुआती कीमत भले ही एक लाख रुपये रखी गई हो, लेकिन ऑनलाइन नीलामी में इसकी कीमत कई गुना बढ़ जाती है।
इस बार हरजिंदर सिंह ने इस नंबर के लिए सबसे ऊंची बोली लगाकर इसे अपने नाम किया। अब यह नंबर उनकी नई Mercedes GLS पर नजर आएगा। यानी वाहन की कीमत के साथ-साथ उसका नंबर भी खास होगा।
पिछले साल भी 0001 ने मचाई थी धूम
देहरादून में फैंसी नंबरों की नीलामी में 0001 का दबदबा नया नहीं है। पिछले साल UK 07 HC सीरीज में 0001 नंबर के लिए 13 लाख 77 हजार रुपये की बोली लगी थी। इस बार UK 07 HP सीरीज में 13 लाख 91 हजार रुपये की बोली लगने के बाद यह पिछली बड़ी बोली से भी आगे निकल गई है।
इससे साफ है कि देहरादून में फैंसी नंबरों को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। खासकर 0001 जैसे नंबरों के लिए वाहन मालिक बड़ी रकम खर्च करने को तैयार हैं। परिवहन विभाग की ऑनलाइन नीलामी व्यवस्था के जरिए लोग घर बैठे अपनी पसंद के नंबर के लिए बोली लगा सकते हैं।
0003 नंबर के लिए भी लाखों खर्च
0001 के अलावा 0003 नंबर भी इस बार काफी महंगा बिका। UK 07 HP 0003 नंबर के लिए हरजिंदर सिंह ने 9 लाख 4 हजार रुपये की बोली लगाई। यह भी इस साल इस नंबर के लिए सबसे ऊंची बोली बताई जा रही है।
इससे पहले UK 07 HJ 0003 सीरीज के नंबर की नीलामी करीब 4 लाख 87 हजार रुपये में हुई थी। इस बार इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ खास नंबरों को लेकर वाहन मालिकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
इन फैंसी नंबरों पर भी लगी बोली
UK 07 HP सीरीज में केवल 0001 और 0003 ही महंगे नंबर नहीं रहे। दूसरे फैंसी नंबरों के लिए भी लोगों ने अच्छी-खासी रकम खर्च की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, UK 07 HP 0002 नंबर के लिए 3 लाख 50 हजार रुपये, जबकि 0005 के लिए 3 लाख 95 हजार रुपये की बोली लगी।
इसी तरह 0008 नंबर के लिए 1 लाख 86 हजार रुपये, 0006 के लिए 27 हजार रुपये, 0009 के लिए 1 लाख 8 हजार रुपये और 7000 नंबर के लिए 1 लाख 5 हजार रुपये की बोली लगी। वहीं 7777 नंबर के लिए 26 हजार रुपये की बोली दर्ज हुई।
इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि हर फैंसी नंबर की लोकप्रियता समान नहीं है। कुछ नंबरों के लिए लोग लाखों रुपये खर्च करने को तैयार हैं, जबकि कुछ नंबर अपेक्षाकृत कम कीमत पर बिक रहे हैं।
VIP नंबर लेने के लिए कितनी है न्यूनतम कीमत?
परिवहन विभाग ने अलग-अलग फैंसी नंबरों के लिए अलग-अलग न्यूनतम कीमत निर्धारित की है। 0001 और 0786 जैसे नंबरों की न्यूनतम कीमत एक लाख रुपये है। इसका मतलब है कि यदि कोई व्यक्ति 0001 नंबर के लिए ऑनलाइन नीलामी में भाग लेना चाहता है तो उसे निर्धारित न्यूनतम राशि जमा करनी होगी। इसके बाद वह नीलामी प्रक्रिया में बोली लगा सकता है।
वहीं अन्य फैंसी नंबरों की श्रेणी के अनुसार न्यूनतम कीमत 25 हजार रुपये या 10 हजार रुपये रखी गई है। इसके बाद वास्तविक कीमत ऑनलाइन बोली के दौरान तय होती है। यदि एक ही नंबर के लिए कई लोग बोली लगाते हैं, तो कीमत बढ़ती जाती है और सबसे अधिक बोली लगाने वाले व्यक्ति को नंबर आवंटित किया जाता है।
0786 नंबर का क्रेज हुआ कम
जहां 0001 नंबर के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा है, वहीं कभी काफी लोकप्रिय रहे 0786 नंबर को लेकर स्थिति बिल्कुल अलग नजर आ रही है। देहरादून में पिछले करीब एक साल से किसी व्यक्ति ने 0786 नंबर बुक नहीं कराया है।
खास बात यह है कि 0786 नंबर की न्यूनतम कीमत भी एक लाख रुपये निर्धारित है। इसके बावजूद इस बार ऑनलाइन बोली में इस नंबर के लिए किसी ने बोली नहीं लगाई। इससे संकेत मिलता है कि वाहन मालिकों की पसंद में बदलाव आ रहा है और अब 0001 जैसे नंबरों को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
क्यों बढ़ रहा है फैंसी नंबरों का क्रेज?
फैंसी या वीआईपी नंबरों का आकर्षण केवल नंबर की पहचान तक सीमित नहीं है। कई वाहन मालिक इन्हें अपनी व्यक्तिगत पहचान, पसंद और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देखते हैं। कुछ लोग जन्मतिथि, शुभ अंक या किसी खास संख्या को प्राथमिकता देते हैं, जबकि कुछ लोगों के लिए 0001, 0003, 0007, 7777 जैसे नंबर स्टेटस सिंबल बन जाते हैं।
खासकर महंगी और लग्जरी कारों के मालिकों में ऐसे नंबरों की मांग अधिक देखने को मिलती है। जब लाखों रुपये की कार खरीदी जाती है तो कई लोग उसके लिए अपनी पसंद का नंबर लेने के लिए भी अतिरिक्त रकम खर्च करने से पीछे नहीं हटते। देहरादून में Mercedes GLS जैसी लग्जरी कार के लिए 0001 नंबर पर 13.91 लाख रुपये की बोली इसका एक बड़ा उदाहरण है।
परिवहन विभाग के लिए भी खास है यह नीलामी
फैंसी नंबरों की ऑनलाइन नीलामी से वाहन मालिकों को पारदर्शी तरीके से अपनी पसंद का नंबर हासिल करने का मौका मिलता है। वहीं परिवहन विभाग को भी इन नंबरों की नीलामी से राजस्व प्राप्त होता है। बोली जितनी ऊंची जाती है, विभाग को उतना ही अधिक राजस्व मिलता है।
देहरादून आरटीओ विभाग के अधिकारी संदीप सैनी के मुताबिक, UK 07 HP सीरीज के कुल 27 नंबरों की ऑनलाइन बोली लगाई गई। इनमें UK 07 HP 0001 के लिए हरजिंदर सिंह ने 13 लाख 91 हजार रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाई। उन्होंने अपनी दूसरी गाड़ी के लिए भी UK 07 HP 0003 नंबर 9 लाख 4 हजार रुपये में खरीदा।
कुल मिलाकर, देहरादून में फैंसी नंबरों को लेकर बढ़ता क्रेज अब एक नया ट्रेंड बनता दिखाई दे रहा है। 0001 नंबर के लिए 13.91 लाख रुपये की बोली और 0003 के लिए 9.04 लाख रुपये खर्च किया जाना इस बात का संकेत है कि लोगों के लिए अब गाड़ी के मॉडल के साथ उसका नंबर भी प्रतिष्ठा और पहचान का हिस्सा बनता जा रहा है। वहीं 0786 जैसे पुराने लोकप्रिय नंबर की घटती मांग यह दिखाती है कि समय के साथ लोगों की पसंद भी बदल रही है। आने वाले समय में परिवहन विभाग की अगली नीलामियों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन-से नंबर नए रिकॉर्ड कायम करते हैं।
