बाबा नीम करौरी के दर्शन के लिए बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच नैनीताल पुलिस अलर्ट, 10 और 11 अक्टूबर को भवाली-कैंची धाम-भीमताल क्षेत्र में विशेष यातायात व्यवस्था; निजी वाहनों को पार्किंग में खड़ा कर शटल सेवा से पहुंचेंगे श्रद्धालु
हल्द्वानी/नैनीताल: बाबा नीम करौरी महाराज की आस्था और महिमा से जुड़े प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती आमद के बीच वीकेंड पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बाबा नीम करौरी पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम को लेकर लोगों की दिलचस्पी और चर्चा के बीच मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है। पहाड़ की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने और जाम की आशंका को देखते हुए नैनीताल पुलिस ने 10 और 11 अक्टूबर के लिए कैंची धाम, भवाली और भीमताल क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक एवं डायवर्जन प्लान लागू किया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान अनावश्यक परेशानियों से बचाना, स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाए रखना और पहाड़ी मार्गों पर लगने वाले जाम को नियंत्रित करना है। यातायात प्लान के तहत भारी वाहनों की आवाजाही पर निर्धारित समय के लिए रोक रहेगी। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं। कैंची धाम पहुंचने वाले निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा कराया जाएगा, जहां से श्रद्धालु शटल सेवा के माध्यम से मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम को लेकर बढ़ी चर्चा, प्रशासन सतर्क
नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। बाबा नीम करौरी महाराज के प्रति लोगों की श्रद्धा के चलते यहां सालभर श्रद्धालु पहुंचते हैं। वीकेंड, छुट्टियों और विशेष अवसरों पर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में भवाली और आसपास के पहाड़ी मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
बाबा नीम करौरी महाराज से जुड़ी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम को लेकर चर्चा के बीच पुलिस प्रशासन ने सप्ताहांत में यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारी की है। पहाड़ की सड़कें कई स्थानों पर संकरी होने के कारण वाहनों की अधिक संख्या से जाम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसका असर केवल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और दूसरे पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने भारी वाहनों के संचालन पर रोक, वैकल्पिक मार्गों से यातायात डायवर्ट करने और निर्धारित पार्किंग स्थलों के उपयोग की व्यवस्था बनाई है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें और यातायात व्यवस्था भी बाधित न हो।
सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों पर प्रतिबंध
वीकेंड के लिए जारी ट्रैफिक प्लान के अनुसार, 10 और 11 अक्टूबर को सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक सभी प्रकार के भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। ऐसे वाहनों को जनपद की सीमा पर ही रोका जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य व्यस्त मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करना और यातायात को नियंत्रित रखना है।
वहीं, केमू बसों, निजी बसों और चौपहिया वाहनों के लिए सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित रूट लागू रहेंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और संबंधित मार्गों पर लागू डायवर्जन की जानकारी लेकर ही निकलें।
पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कैंची धाम आने वाले वाहनों और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यातायात के बीच संतुलन बनाए रखना है। इसलिए अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजने की व्यवस्था की गई है।
अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जाने वाले वाहन इन रास्तों से गुजरेंगे
अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इन क्षेत्रों से आने वाले वाहन लमगड़ा, धानाचूली, धारी, खुटानी बैंड और भीमताल के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।
वहीं, रानीखेत से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को क्वारब, ओड़ाखान, रामगढ़ और खुटानी बैंड होते हुए आगे भेजा जाएगा।
इस डायवर्जन का उद्देश्य भवाली और कैंची धाम के आसपास मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करना है, ताकि एक ओर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहे और दूसरी ओर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अनावश्यक जाम का सामना न करना पड़े।
यात्रियों को चाहिए कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें और रास्ते में यातायात पुलिस की ओर से दिए जाने वाले निर्देशों को प्राथमिकता दें।
हल्द्वानी और काठगोदाम से पहाड़ जाने वालों के लिए बदला रूट
हल्द्वानी और काठगोदाम से पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी विशेष डायवर्जन लागू किया गया है। इन वाहनों को भीमताल के खुटानी बैंड से धारी और धानाचूली बैंड के रास्ते आगे भेजा जाएगा।
इसके अलावा, काठगोदाम से रानीखेत जाने वाले वाहन खुटानी से मुक्तेश्वर और रामगढ़ होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
यातायात व्यवस्था में किए गए इन बदलावों को देखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सामान्य मार्ग पर निर्भर रहने के बजाय निर्धारित वैकल्पिक रास्तों की जानकारी पहले ही हासिल कर लें। इससे यात्रा के दौरान भ्रम की स्थिति कम होगी और जाम में फंसने की आशंका से बचने में मदद मिलेगी।
विशेष रूप से निजी वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों को समय का ध्यान रखते हुए घर से निकलना चाहिए, ताकि डायवर्जन के कारण यात्रा में होने वाली संभावित देरी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालु ध्यान दें, यहां होगी पार्किंग
कैंची धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है। पुलिस की ओर से जारी योजना के अनुसार, भीमताल की ओर से आने वाले निजी वाहनों को विकास भवन पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
वहीं, गेठिया और नैनीताल की ओर से आने वाले पर्यटकों के वाहनों को भवाली सैनिटोरियम पार्किंग में पार्क कराया जाएगा।
इन पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को स्थानीय शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम मंदिर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य मंदिर के आसपास निजी वाहनों की भीड़ कम करना और सड़क पर यातायात को सुचारु बनाए रखना है।
श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे मंदिर के बिल्कुल पास तक निजी वाहन ले जाने की कोशिश न करें। निर्धारित पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा करने और शटल सेवा का इस्तेमाल करने से उन्हें भी सुविधा होगी और अन्य यात्रियों को भी जाम से राहत मिल सकेगी।
टैक्सी और दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी रहेगी रोक
वीकेंड के दौरान कैंची धाम क्षेत्र और नैनीताल में टैक्सी तथा दोपहिया वाहनों की आवाजाही को लेकर भी प्रतिबंध निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में यात्रा पर निकलने से पहले संबंधित क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों और पुलिस के निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
प्रशासन की ओर से बनाई गई व्यवस्था का मकसद भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात को नियंत्रित करना है। यदि निर्धारित पार्किंग स्थलों का सही इस्तेमाल किया जाता है और वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों का पालन करते हैं, तो जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
पुलिस ने पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक प्लान का पालन करें, सड़क किनारे अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा न करें और यातायात कर्मियों के निर्देशों का सहयोग करें।
दर्शन के लिए निकलने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस वीकेंड यात्रा से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- भारी वाहनों के लिए सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक प्रतिबंध लागू रहेगा।
- केमू बसों, निजी बसों और चौपहिया वाहनों के लिए सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित रूट लागू रहेंगे।
- भीमताल की ओर से आने वाले निजी वाहन विकास भवन पार्किंग में खड़े किए जाएंगे।
- गेठिया और नैनीताल की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भवाली सैनिटोरियम पार्किंग निर्धारित की गई है।
- पार्किंग से मंदिर तक पहुंचने के लिए शटल सेवा का उपयोग करना होगा।
- पहाड़ी क्षेत्रों में जाने और वहां से लौटने वाले यात्रियों को निर्धारित डायवर्जन मार्गों का पालन करना चाहिए।
- यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय पुलिस से ताजा यातायात संबंधी जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
आस्था के साथ यातायात अनुशासन भी जरूरी
कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती आमद क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन संबंधी पहचान को दर्शाती है। लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ यातायात प्रबंधन और स्थानीय लोगों की सुविधा सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण हो जाता है। पहाड़ी मार्गों पर जाम लगने से यात्रियों का समय बर्बाद होने के साथ आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है।
ऐसे में पुलिस प्रशासन की ओर से लागू किया गया ट्रैफिक प्लान तभी प्रभावी साबित होगा, जब वाहन चालक और श्रद्धालु भी नियमों का पालन करेंगे। निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल, वैकल्पिक मार्गों की जानकारी और पुलिस के निर्देशों का पालन यात्रा को अधिक सुविधाजनक बना सकता है।
वीकेंड पर कैंची धाम जाने की योजना बना रहे श्रद्धालु घर से निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें। थोड़ी-सी तैयारी और यातायात नियमों का पालन न केवल आपकी यात्रा आसान बनाएगा, बल्कि दूसरे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भी जाम की परेशानी से बचाने में मदद करेगा।
