By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: गिरधारी लाल साहू को हाईकोर्ट से बड़ा झटका! रेखा आर्या की FIR रद्द करने से इनकार, रिट याचिका खारिज; गिरफ्तारी वारंट के बीच बढ़ीं मुश्किलें
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > गिरधारी लाल साहू को हाईकोर्ट से बड़ा झटका! रेखा आर्या की FIR रद्द करने से इनकार, रिट याचिका खारिज; गिरफ्तारी वारंट के बीच बढ़ीं मुश्किलें
उत्तराखंडफीचर्ड

गिरधारी लाल साहू को हाईकोर्ट से बड़ा झटका! रेखा आर्या की FIR रद्द करने से इनकार, रिट याचिका खारिज; गिरफ्तारी वारंट के बीच बढ़ीं मुश्किलें

The Hill India News
Last updated: November 4, 2026 8:19 am
The Hill India News
Published: November 4, 2026
Share
SHARE

नैनीताल/देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गिरधारी लाल साहू को बड़ा झटका देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली रिट याचिका खारिज कर दी है। अदालत के इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच आगे जारी रहेगी। पहले से जारी गैर-जमानती वारंट के बीच हाईकोर्ट का यह फैसला उनकी कानूनी मुश्किलों को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

Contents
क्या है पूरा मामला, क्यों हाईकोर्ट पहुंचे थे गिरधारी लाल साहू?रेखा आर्या ने पति पर लगाए कई गंभीर आरोपऑडियो रिकॉर्डिंग में हत्या की साजिश का आरोपहाईकोर्ट ने क्यों खारिज की गिरधारी लाल साहू की याचिका?गैर-जमानती वारंट के बीच बढ़ीं गिरधारी लाल साहू की मुश्किलेंरेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू विवाद में आगे क्या?

गिरधारी लाल साहू ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देहरादून के थाना कैंट में उनकी पत्नी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने मामले के रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले में गंभीर आरोपों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि इस स्तर पर जांच को रोकने या एफआईआर को समाप्त करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता।

क्या है पूरा मामला, क्यों हाईकोर्ट पहुंचे थे गिरधारी लाल साहू?

दरअसल, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए देहरादून के थाना कैंट में मुकदमा दर्ज कराया था। इस एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120-बी, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498-ए, 504 और 506 सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत आरोप शामिल किए गए हैं।

एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू ने इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी ओर से अदालत में दलील दी गई कि दोनों पक्षों का विवाह 6 जुलाई 2004 को हुआ था और वे करीब 22 वर्षों से वैवाहिक संबंध में हैं। याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि यह मूल रूप से पारिवारिक और घरेलू विवाद है, जिसे अब आपराधिक मामले का रूप दिया जा रहा है। उनका कहना था कि इतने लंबे समय से चले आ रहे वैवाहिक संबंधों के बीच दर्ज कराई गई एफआईआर को निरस्त किया जाना चाहिए।

हालांकि, राज्य सरकार और रेखा आर्या की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने इन दलीलों का विरोध किया। उन्होंने अदालत के सामने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए कहा कि मामला केवल पति-पत्नी के बीच सामान्य विवाद तक सीमित नहीं है। इसमें कथित मारपीट, धोखाधड़ी, दस्तावेजों में कूटरचना, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। सरकारी पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ता जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा है।

रेखा आर्या ने पति पर लगाए कई गंभीर आरोप

रेखा आर्या की शिकायत के अनुसार, विवाह के समय गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी और बच्चों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उनसे छिपाई थी। आरोप है कि बाद में उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि गिरधारी लाल साहू के अन्य महिलाओं के साथ कथित संबंध थे और जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो उनके साथ मारपीट की गई।

रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में गाली-गलौज, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना तथा जातिसूचक अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, इन सभी आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगा।

मामले में कंपनी के निदेशक पद से जुड़े दस्तावेजों का विवाद भी सामने आया है। रेखा आर्या का आरोप है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर और कथित रूप से तैयार किए गए दस्तावेजों के आधार पर उन्हें कंपनी के निदेशक पद से जबरन सेवानिवृत्त दिखा दिया गया, जबकि उन्होंने अपनी ओर से कोई इस्तीफा नहीं दिया था। शिकायत में इसे कथित धोखाधड़ी और दस्तावेजों में कूटरचना से जुड़ा मामला बताया गया है।

ऑडियो रिकॉर्डिंग में हत्या की साजिश का आरोप

इस पूरे विवाद का सबसे गंभीर पहलू एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ा हुआ है। रेखा आर्या की शिकायत में इस रिकॉर्डिंग का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि इसमें उन्हें रास्ते से हटाने यानी उनकी हत्या की साजिश रचने और इसके लिए पैसे खर्च करने जैसी बातें सामने आई थीं।

इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है। रेखा आर्या की ओर से अदालत में इसी तरह के गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए एफआईआर निरस्त करने की मांग का विरोध किया गया। वहीं, ऑडियो रिकॉर्डिंग की वास्तविकता, उसमें मौजूद आवाज और बातचीत के संदर्भ की पुष्टि जांच का विषय है। अदालत ने भी इस तरह के साक्ष्यों की सत्यता को इस स्तर पर अंतिम रूप से तय करने के बजाय जांच और विचारण का विषय माना।

हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की गिरधारी लाल साहू की याचिका?

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक महरा की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि एफआईआर में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर प्रकृति के हैं। न्यायालय के अनुसार, मामले में केवल सामान्य वैवाहिक मनमुटाव की बात नहीं है, बल्कि कथित शारीरिक प्रताड़ना, दस्तावेजों की कूटरचना, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की साजिश जैसे आरोप भी शामिल हैं।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर कि दोनों पक्ष करीब 22 वर्षों से वैवाहिक संबंध में हैं, बाद में कथित रूप से हुई घटनाओं या अपराधों की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। लंबे समय तक साथ रहने का तथ्य अपने आप में एफआईआर को निरस्त करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता।

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के स्टेट ऑफ हरियाणा बनाम भजनलाल और निहारिका इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े न्यायिक सिद्धांतों का भी उल्लेख किया। इन सिद्धांतों के अनुसार, एफआईआर रद्द करने के मामले में अदालत को सावधानी बरतनी होती है। जब शिकायत में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध के तत्व दिखाई देते हों, तब सामान्य तौर पर जांच की प्रक्रिया को शुरुआती स्तर पर रोकना उचित नहीं माना जाता।

न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि ऑडियो रिकॉर्डिंग और कथित फर्जी दस्तावेजों की वास्तविकता की जांच आवश्यक है। इन साक्ष्यों की सत्यता, विश्वसनीयता और उनसे जुड़े तथ्यों का परीक्षण जांच तथा आगे की न्यायिक प्रक्रिया में किया जाना चाहिए। इस स्तर पर अदालत के लिए पूरे मामले का मिनी-ट्रायल करना उचित नहीं होगा।

इन्हीं तथ्यों और कानूनी सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने गिरधारी लाल साहू की रिट याचिका खारिज कर दी और एफआईआर निरस्त करने से इनकार कर दिया।

गैर-जमानती वारंट के बीच बढ़ीं गिरधारी लाल साहू की मुश्किलें

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद गिरधारी लाल साहू की कानूनी मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में उनके खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी होने की बात सामने आ चुकी है। पुलिस और एसआईटी की टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। ऐसे में एफआईआर रद्द कराने की याचिका खारिज होने से उनके लिए तत्काल राहत का एक महत्वपूर्ण रास्ता बंद हो गया है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज होने का अर्थ आरोपों का दोष सिद्ध होना नहीं है। इसका मतलब केवल इतना है कि हाईकोर्ट ने इस चरण पर मुकदमे को समाप्त करने का आधार नहीं पाया है और मामले की जांच आगे जारी रह सकती है। आरोपों की पुष्टि, साक्ष्यों की विश्वसनीयता और किसी भी पक्ष की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम फैसला संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू विवाद में आगे क्या?

उत्तराखंड की राजनीति में इस मामले पर पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस विवाद में आगे की पुलिस जांच और न्यायिक कार्रवाई पर सबकी नजरें रहेंगी। पुलिस और एसआईटी के सामने आरोपों से जुड़े साक्ष्य जुटाने, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच करने और दस्तावेजों की सत्यता का पता लगाने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी।

फिलहाल, हाईकोर्ट ने गिरधारी लाल साहू को एफआईआर निरस्त कराने के मामले में राहत नहीं दी है। एक ओर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और तलाश की कार्रवाई चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर रिट याचिका खारिज होने से मुकदमे की जांच जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और अदालत में होने वाली आगे की सुनवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

You Might Also Like

संसद की 24 स्थायी समितियों का गठन, बीजेपी को 11, कांग्रेस को 4 समितियों की कमान
झारखण्ड : भाजपा विधायकों का विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
Weather Update: कहीं तपती गर्मी तो कहीं ओलों की मार, 5 अप्रैल तक पूरे भारत में मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’
हादसा: हेलंग में मकान क्षतिग्रस्त, मलबे में दबे 7 मजदूर, रेस्क्यु जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ पकड़ उंगली चेक करने लगे नीतीश, अब वायरल हो रहा है ये वीडियो
TAGGED:Girdhari Lal SahuNainital High CourtRekha Arya
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

गिरधारी लाल साहू को हाईकोर्ट से बड़ा झटका! रेखा आर्या की FIR रद्द करने से इनकार, रिट याचिका खारिज; गिरफ्तारी वारंट के बीच बढ़ीं मुश्किलें

The Hill India News
The Hill India News
November 4, 2026
बॉलीवुड में फिर रंगदारी का खौफ! आयुष्मान खुराना को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर करोड़ों की धमकी, ऑडियो मैसेज भेजकर मांगी मोटी रकम; तुषार कपूर भी बन चुके हैं निशाना
भूमि पेडनेकर पर मंडराया चुड़ैल का खौफ! ‘जानी दुश्मन… डर के आगे मौत है’ का पहला पोस्टर रिलीज, 2027 में बड़े पर्दे पर मचेगा डर का तांडव
विराट कोहली का वनडे क्रिकेट में ऐतिहासिक धमाका! नंबर-3 पर 13 हजार रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने, संगकारा और पोंटिंग जैसे दिग्गजों को छोड़ा पीछे
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राज्यों को बिक्री कर पर अतिरिक्त टैक्स, सरचार्ज और सेस लगाने का अधिकार बरकरार; 27 साल पुराने विवाद पर लगा विराम, जानिए कारोबारियों पर क्या होगा असर
पंचकूला स्कूल हमले में जिंदगी की जंग जीतकर घर लौटी 6 साल की मासूम, 8 दिन बाद PGI से मिली छुट्टी; बच्ची की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे समाजसेवी
रेखा आर्य विवाद: मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू पर गिरफ्तारी का शिकंजा! गैर जमानती वारंट जारी, तलाश में जुटीं पुलिस की कई टीमें
US Midterm Election 2026: ट्रंप के गढ़ में भारतीय मूल की पिया डांडिया की ऐतिहासिक जीत, डेमोक्रेट्स का दबदबा; क्रिस पापास और कीशा बॉटम्स ने भी रचा इतिहास
दिल्ली-NCR में दिवाली पर पटाखे जलेंगे या रहेगा प्रतिबंध? सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, विराट कोहली का नाम लेकर दिया बड़ा संदेश
उत्तराखंड में अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर का बड़ा खुलासा! 21 दिन में 45,453 कॉल, SIP कनेक्शन से ILD गेटवे बाईपास का शक; STF ने आरोपी नईमुद्दीन को किया गिरफ्तार
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?