By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: अमेरिका-ईरान युद्ध की आहट, तेहरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को किया पूरी तरह सील, दो जहाजों पर हमला, भारत समेत दुनिया में हड़कंप
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > फीचर्ड > अमेरिका-ईरान युद्ध की आहट, तेहरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को किया पूरी तरह सील, दो जहाजों पर हमला, भारत समेत दुनिया में हड़कंप
फीचर्डविदेश

अमेरिका-ईरान युद्ध की आहट, तेहरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को किया पूरी तरह सील, दो जहाजों पर हमला, भारत समेत दुनिया में हड़कंप

The Hill India News
Last updated: June 11, 2026 3:00 am
The Hill India News
Published: June 11, 2026
Share
PHOTO: AP
SHARE

नई दिल्ली/तेहरान: मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) से आ रही बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक खबरों के बीच दुनिया एक बार फिर तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। महाशक्ति अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी वायुसेना द्वारा ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए जाने के बाद, तेहरान ने भी इसका बेहद करारा और आक्रामक जवाब दिया है। इस बीच वाशिंगटन ने ईरान को सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वह जल्द से जल्द सीजफायर (युद्धविराम) की शर्तें मान ले, अन्यथा अमेरिकी हमले और अधिक विनाशकारी व तेज हो जाएंगे।

Contents
होर्मुज के बंद होने का मतलब: क्यों कांप उठती है दुनिया की अर्थव्यवस्था?भारत के लिए क्यों बज गई खतरे की घंटी: ऊर्जा सुरक्षा पर सबसे बड़ा संकटईरान ने दो जहाजों को बनाया निशाना: कागजी चेतावनी नहीं, एक्शन में आई IRGCअमेरिकी सीजफायर की शर्तों को मानने से ईरान का साफ इनकारवैश्विक कूटनीति फेल: संयुक्त राष्ट्र असहाय, वार्ता के रास्ते बंद

इस अमेरिकी धमकी के जवाब में पलटवार करते हुए ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को दुनिया की सबसे संवेदनशील आर्थिक नस पर हाथ रख दिया है। ईरान ने वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा माने जाने वाले ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) को पूरी तरह से बंद करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। ईरान ने दुनिया को खुली चुनौती दी है कि अब तेल टैंकरों और कारोबारी जहाजों समेत कोई भी जहाज इस जलमार्ग को क्रॉस करने की कोशिश करेगा, तो ईरानी सेना उस पर सीधा मिसाइल हमला कर उसे नष्ट कर देगी। ईरान के इस आत्मघाती कदम और दो जहाजों पर हुए हमलों ने भारत समेत पूरी दुनिया के नीति-नियंताओं और अर्थव्यवस्था विशेषज्ञों की सांसें अटका दी हैं।

होर्मुज के बंद होने का मतलब: क्यों कांप उठती है दुनिया की अर्थव्यवस्था?

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक व्यापार के नजरिए से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) महज एक जलमार्ग नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्ततम समुद्री गलियारा है। भौगोलिक रूप से यह संकरा जलमार्ग फ़ारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का सबसे बड़ा ‘ऑयल चोकपॉइंट’ (Oil Chokepoint) कहा जाता है।

अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया भर में रोज उपभोग होने वाले कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे रास्ते से बड़े-बड़े टैंकरों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और खुद ईरान जैसे ओपेक (OPEC) के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों का अधिकांश कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) इसी रास्ते के भरोसे दुनिया तक सफर तय करते हैं। वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्ट्रेट कुछ दिनों के लिए भी पूरी तरह ठप हो जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं, जिससे दुनिया भर में अभूतपूर्व मंदी और हाहाकार मच जाएगा।

भारत के लिए क्यों बज गई खतरे की घंटी: ऊर्जा सुरक्षा पर सबसे बड़ा संकट

ईरान के इस कदम से नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में हलचल तेज हो गई है। इसका मुख्य कारण यह है कि भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर सबसे ज्यादा निर्भर है। भारत अपनी तेल और गैस की कुल खपत का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। आंकड़ों के अनुसार, भारत का लगभग 30% से 50% कच्चा तेल और घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली लगभग 70% तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) इसी संवेदनशील जलमार्ग से होकर भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचती है।

फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला यह मार्ग भारत की ऊर्जा जरूरतों का मुख्य प्रवेश द्वार है। यदि यह मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध रहता है, तो भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की किल्लत होने के साथ-साथ महंगाई अनियंत्रित हो सकती है।

राहत की एक पतली लकीर: इस महासंकट के बीच भारत के लिए एकमात्र राहत की बात यह है कि भू-राजनीतिक समीकरणों के चलते ईरान ने भारत को अपने “मित्र देशों” की सूची में बनाए रखा है। ईरानी कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों को वहां से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद, युद्ध क्षेत्र में किसी भी अनहोनी या ‘कोलैटरल डैमेज’ की आशंका से भारतीय नौसेना (Indian Navy) बेहद सतर्क है और स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।

ईरान ने दो जहाजों को बनाया निशाना: कागजी चेतावनी नहीं, एक्शन में आई IRGC

ईरान ने साबित कर दिया है कि उसकी यह चेतावनी महज कोई गीदड़भभकी नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चिंता को और गहरा करते हुए ईरानी सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने पुष्टि की है कि होर्मुज स्ट्रेट को सील करने के आदेश के बाद नियमों और ईरानी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे दो बड़े वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया है।

इन जहाजों पर मिसाइल या ड्रोन से हमला किया गया है, जिसके बाद होर्मुज स्ट्रेट के मुहाने पर फंसे सैकड़ों अन्य जहाजों के क्रू मेंबर्स के बीच भारी दहशत का माहौल है। बीमा कंपनियों ने इस रूट से गुजरने वाले जहाजों का ‘वॉर रिस्क प्रीमियम’ कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक लॉजिस्टिक्स चेन पूरी तरह चरमरा गई है।

अमेरिकी सीजफायर की शर्तों को मानने से ईरान का साफ इनकार

वाशिंगटन से मिल रही रिपोर्टों के मुताबिक, पेंटागन और व्हाइट हाउस ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए अपने एयरक्राफ्ट कैरियर (विमान वाहक पोत) और स्टील्थ फाइटर जेट्स को मिडल ईस्ट में तैनात कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि ईरान समर्थित गुटों द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर किए जा रहे हमलों के जवाब में यह कार्रवाई जरूरी थी।

हालांकि, ईरान के सर्वोच्च धार्मिक और सैन्य नेतृत्व ने अमेरिकी शर्तों के आगे घुटने टेकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान का मानना है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए जानबूझकर युद्ध थोप रहा है। यदि अमेरिका ने अपने हमले नहीं रोके, तो ईरान इस पूरे क्षेत्र को अमेरिकी सेना के लिए ‘कब्रगाह’ बना देगा।

वैश्विक कूटनीति फेल: संयुक्त राष्ट्र असहाय, वार्ता के रास्ते बंद

इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपातकालीन बैठक बुलाई गई है, लेकिन अमेरिका और उसके मित्र देशों तथा दूसरी तरफ रूस और चीन के वीटो पावर के चलते कोई ठोस नतीजा निकलता नहीं दिख रहा है। राजनयिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि यदि अगले 48 घंटों में दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे की बातचीत (Backchannel Diplomacy) शुरू नहीं हुई, तो तेल की सप्लाई रुकने से पूरी दुनिया में एक नया आर्थिक और सैन्य संकट खड़ा होना तय है।

You Might Also Like

उत्तराखण्ड : उद्यान अधिकारियों ने खोला बवेजा के खिलाफ मोर्चा विभागीय सचिव को लिखा पत्र
आलिया भट्ट की पूर्व पर्सनल असिस्टेंट गिरफ्तार, ₹76 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांदीपुर और मुदुमलाई टाइगर रिजर्व का दौरा किया
उत्तराखण्ड में स्थापित होगा फायर सर्विस का विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केन्द्रः धामी
रणजीत रावत ने लगाए हरीश रावत पर सनसनीखेज आरोप…
TAGGED:India Energy Security Crude Oil ImpactIRGC Navy Shipping Blockade 2026Persian Gulf Maritime Shipping AttackedStrait of Hormuz Oil Chokepoint CrisisUS Iran Conflict Hormuz Strait Closed
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

हरिद्वार कुंभ 2027 का आधिकारिक पंचांग जारी: जूना अखाड़े ने घोषित किया पूरा कार्यक्रम, जानिए कब होगी पेशवाई और तीनों शाही (अमृत) स्नान

The Hill India News
The Hill India News
July 31, 2026
उत्तराखंड में साइबर ठगी पर बड़ा प्रहार! RBI और STF का संयुक्त एक्शन प्लान, 24×7 बैंक-पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम से ठगों पर कसेगा शिकंजा
उत्तराखंड के नाशपाती किसानों के लिए खुशखबरी! बढ़ सकता है न्यूनतम मूल्य, 7 रुपये प्रति किलो करने का प्रस्ताव; वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार
गरीबी से गौरव तक: दर्जी पिता के बेटे लवप्रीत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में चमकाया भारत का नाम
भारतीय छात्रों के लिए बड़ा झटका! अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करना पड़ सकता है बेहद महंगा, ट्रंप के नए प्रस्ताव से मचेगी हलचल
PM मोदी की AI ‘मॉर्फ्ड’ रील्स पर बड़ा एक्शन: मेटा इंडिया हेड के खिलाफ FIR, हैदराबाद साइबर पुलिस की जांच से मचा हड़कंप
सितारगंज तहसील में रिश्वत कांड पर बवाल: विजिलेंस टीम रातभर रही ‘कैद’, 20 घंटे तक ठप रहा सरकारी कामकाज, वार्ता के बाद खुला गतिरोध
जनसेवा के प्रतीक हीरा सिंह बिष्ट को नम आंखों से श्रद्धांजलि, परवादून कांग्रेस ने कहा- उनके आदर्श हमेशा दिखाएंगे राह
‘मैन इन ब्लू’ से ‘केसरिया जर्सी’ तक: भारतीय हॉकी टीम की नई ड्रेस पर छिड़ा सियासी संग्राम, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल; हॉकी इंडिया ने दी तकनीकी वजह
न्यू नोएडा की ओर बढ़ा बड़ा कदम: 37 गांवों में शुरू होगी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया, जेवर एयरपोर्ट जैसा मिलेगा बंपर मुआवजा, NCR के विकास को मिलेगी नई उड़ान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?