By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: हत्या और तख्तापलट के डर से बंकरों में रहने को मजबूर पुतिन? यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ी क्रेमलिन की चिंता
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > फीचर्ड > हत्या और तख्तापलट के डर से बंकरों में रहने को मजबूर पुतिन? यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ी क्रेमलिन की चिंता
फीचर्डविदेश

हत्या और तख्तापलट के डर से बंकरों में रहने को मजबूर पुतिन? यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ी क्रेमलिन की चिंता

The Hill India News
Last updated: May 8, 2026 6:14 am
The Hill India News
Published: May 8, 2026
Share
SHARE

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर एक नई रिपोर्ट ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर दी है। दावा किया जा रहा है कि यूक्रेन युद्ध, लगातार बढ़ते ड्रोन हमलों और संभावित तख्तापलट के डर ने रूस की सत्ता के केंद्र क्रेमलिन की चिंता को काफी बढ़ा दिया है। हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य शक्तियों में शामिल रूस का राष्ट्रपति अब जमीन के नीचे बने सुरक्षित बंकरों में ज्यादा समय बिताने को मजबूर हो गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में पुतिन की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दी गई है। रूस की फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस यानी FSO ने राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। अब पुतिन से मिलने वाले लोगों की कई स्तरों पर जांच की जाती है और उनके करीबी अधिकारियों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। यहां तक कि उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी बेहद कड़े नियम लागू किए गए हैं।

बताया जा रहा है कि कोविड-19 महामारी के बाद से ही पुतिन का अलगाव बढ़ने लगा था, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद यह स्थिति और गंभीर हो गई। यूरोपीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मार्च के बाद से क्रेमलिन को ड्रोन हमलों और अंदरूनी विद्रोह का खतरा ज्यादा महसूस होने लगा। यही वजह है कि पुतिन की सार्वजनिक गतिविधियां सीमित कर दी गई हैं और वे अब पहले की तरह खुले तौर पर लोगों से नहीं मिलते।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि पुतिन अब दक्षिणी रूस के क्रास्नोदार क्षेत्र में स्थित एक अत्याधुनिक बंकर में लंबे समय तक रहते हैं। यह बंकर जमीन के नीचे बनाया गया है और इसे युद्धकालीन सुरक्षा मानकों के हिसाब से तैयार किया गया है। दावा किया गया है कि पुतिन कई-कई हफ्तों तक वहीं रहकर सरकारी कामकाज और यूक्रेन युद्ध की निगरानी करते हैं। कहा जा रहा है कि अब वे सामान्य सरकारी मामलों में पहले की तुलना में काफी कम दिलचस्पी लेते हैं और अधिकतर ध्यान सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों पर केंद्रित कर रहे हैं।

रिपोर्ट में यूक्रेन के ड्रोन ऑपरेशन “स्पाइडरवेब” का भी जिक्र किया गया है। बताया गया है कि इस ऑपरेशन ने रूस की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा झटका दिया। पिछले साल यूक्रेन के ड्रोन ने आर्कटिक सर्कल से आगे रूस के कई एयरफील्ड्स को निशाना बनाया था। इन हमलों ने यह दिखा दिया कि रूस के अंदर तक पहुंचकर हमले करना अब यूक्रेन के लिए संभव हो गया है। इसी कारण क्रेमलिन की चिंता और बढ़ गई।

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जनवरी में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro को लेकर की गई कार्रवाई ने भी रूस की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। माना जा रहा है कि रूस को डर है कि विदेशी ताकतें किसी बड़े ऑपरेशन के जरिए पुतिन को निशाना बनाने की कोशिश कर सकती हैं। यही वजह है कि अब उनकी यात्रा योजनाओं को बेहद गोपनीय रखा जाता है और अंतिम समय में ही अधिकारियों को जानकारी दी जाती है।

पुतिन के आसपास काम करने वाले लोगों के लिए भी नई पाबंदियां लागू की गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनके रसोइयों, फोटोग्राफरों और बॉडीगार्ड्स को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। इतना ही नहीं, पुतिन के आसपास इंटरनेट से जुड़े मोबाइल फोन ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात से चिंतित हैं कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए लोकेशन ट्रैक की जा सकती है या साइबर हमले किए जा सकते हैं।

बताया गया है कि पुतिन के करीबी लोगों के घरों में भी CCTV कैमरे लगाए गए हैं और उनकी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि किसी भी अंदरूनी साजिश या जानकारी लीक होने की संभावना को पूरी तरह खत्म करना जरूरी है। यही कारण है कि क्रेमलिन अब पहले से ज्यादा बंद और नियंत्रित माहौल में काम कर रहा है।

हालांकि रूस सरकार की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया में लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि यूक्रेन युद्ध ने रूस की सत्ता व्यवस्था पर भारी दबाव डाला है। लंबे समय से चल रहे युद्ध, आर्थिक प्रतिबंधों और बढ़ते सैन्य नुकसान ने रूस के अंदर भी असंतोष पैदा किया है। पिछले साल वैगनर ग्रुप के विद्रोह ने भी यह संकेत दिया था कि रूस की सत्ता पूरी तरह स्थिर नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी देश का राष्ट्रपति लगातार बंकरों में रहने लगे और सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त करनी पड़े, तो यह उस देश की आंतरिक चिंताओं को दिखाता है। पुतिन लंबे समय से खुद को एक मजबूत और निर्णायक नेता के रूप में पेश करते रहे हैं, लेकिन हाल की रिपोर्टें यह संकेत दे रही हैं कि यूक्रेन युद्ध ने उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत सुरक्षा दोनों को चुनौती दी है।

फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष आगे किस दिशा में जाता है। लेकिन इतना तय है कि युद्ध जितना लंबा खिंचता जा रहा है, उतनी ही ज्यादा चिंता क्रेमलिन के भीतर बढ़ती दिखाई दे रही है।

You Might Also Like

उद्धव ठाकरे ने दिया बड़ा बयान, कहा- “बांग्लादेश में हालात ठीक नहीं, वहां के हिंदुओं की रक्षा PM मोदी की जिम्मेदारी”
धामी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: ऋषिकेश को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ₹1105 करोड़ की 4-लेन बाईपास योजना मंजूर
मानव तस्करी के शक में फ्रांस में रोके गए थे 300 भारतीय, 276 वापस लौटे, ये है पूरा मामला
नई दिल्ली :कानपुर कि घटना को लेकर राहुल ओर प्रियंका ने BJP पर साधा निशाना
Uttarakhand: “आज मुझे भी जनता…’हुड़का’ का नाग बजाने का सौभाग्य मिला है” ऋषिकेश में जनता को संबोधित करते हुए PM मोदी
TAGGED:Coup FearsKremlinPutin SecurityRussiaUkraine WarVladimir Putin
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डमौसम

मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम

The Hill India News
The Hill India News
June 25, 2026
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
उत्तराखंड की बेटी सपना राणा को जर्मनी में मिली ₹3.30 लाख की नौकरी, CM धामी की वैश्विक रोजगार योजना का बड़ा असर
प्यार, साजिश और मौत: मंगेतर सिया ने प्रेमी के साथ मिलकर रचा केतन की हत्या का खौफनाक खेल, कैफे में बना था पूरा प्लान
राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर: बदल सकते हैं अनाज वितरण के नियम, प्रति व्यक्ति मिलेगा राशन, सरकार लाई नया प्रस्ताव
कोलकाता में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, दर्जनों मजदूरों के दबे होने की आशंका, राहत-बचाव अभियान तेज
उत्तराखंड कृषि जगत को अपूरणीय क्षति: पूर्व कृषि निदेशक गौरी शंकर का निधन, किसानों के सच्चे हितैषी को नम आंखों से दी जाएगी अंतिम विदाई
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?