By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आयुर्वेद विवि के शिक्षकों को तत्काल वेतन देने का आदेश; सरकार के तकनीकी बहानों को किया खारिज
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आयुर्वेद विवि के शिक्षकों को तत्काल वेतन देने का आदेश; सरकार के तकनीकी बहानों को किया खारिज
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आयुर्वेद विवि के शिक्षकों को तत्काल वेतन देने का आदेश; सरकार के तकनीकी बहानों को किया खारिज

The Hill India News
Last updated: February 17, 2026 3:04 pm
The Hill India News
Published: February 17, 2026
Share
SHARE

नैनीताल (ब्यूरो): उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो अलग-अलग मामलों में कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के हक और उनके स्वास्थ्य लाभों को तकनीकी खामियों या प्रशासनिक देरी के नाम पर नहीं रोका जा सकता। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायूमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शिक्षकों के वेतन संकट और एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल के चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) मामले में ऐतिहासिक राहत प्रदान की है।

Contents
आयुर्वेद विश्वविद्यालय: ‘काम कर रहे शिक्षक, तो वेतन क्यों रोका?’सरकार की आपत्तियों को कोर्ट ने किया खारिजसेवानिवृत्त प्रिंसिपल को राहत: ‘तकनीकी आधार पर इलाज का खर्च नहीं रोक सकती सरकार’9 मार्च 2026: अगली सुनवाई पर टिकी नजरेंजवाबदेही तय करने का वक्त

अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि जब कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं, तो उनका वेतन और जायज हक रोकना किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं है।

आयुर्वेद विश्वविद्यालय: ‘काम कर रहे शिक्षक, तो वेतन क्यों रोका?’

आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षक वेलफेयर संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। एसोसिएशन ने कोर्ट को बताया कि शिक्षक पिछले कई महीनों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कार्यकारी परिषद के निर्णय की अनदेखी: याचिका में बताया गया कि विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) ने 9 दिसंबर 2025 को एक अंतरिम व्यवस्था के तहत शिक्षकों के 6 महीने के बकाया वेतन और करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के लाभ देने का निर्णय लिया था। हालांकि, विश्वविद्यालय का तर्क था कि शासन से बजट आवंटित न होने के कारण इस फैसले को लागू नहीं किया जा सका।

सरकार की आपत्तियों को कोर्ट ने किया खारिज

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से दलील दी गई कि वित्त सचिव ने करियर एडवांसमेंट स्कीम के लाभ देने पर कुछ आपत्तियां दर्ज कराई थीं। सरकार का तर्क था कि इन आपत्तियों के समाधान के बिना भुगतान संभव नहीं है।

लेकिन, हाईकोर्ट ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जब कार्यकारी परिषद (जिसमें वित्त सचिव खुद सदस्य हैं) एक अंतरिम फैसला ले चुकी है, तो राज्य सरकार को शिक्षकों का वर्तमान वेतन और बकाया रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि 9 मार्च 2026 (अगली सुनवाई) से पहले हर हाल में जरूरी धनराशि जारी की जाए और इसकी अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए।


सेवानिवृत्त प्रिंसिपल को राहत: ‘तकनीकी आधार पर इलाज का खर्च नहीं रोक सकती सरकार’

एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को श्री गुरु राम राय (SGRR) डिग्री कॉलेज, देहरादून के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल विनय आनंद बौराई के 11,12,992 रुपये के मेडिकल बिलों का तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया है।

क्या था मामला? विनय आनंद बौराई साल 2022 में सेवानिवृत्त हुए थे, जिसके बाद वे गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए। उनका इलाज गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में चला। जब उन्होंने इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया, तो सरकार ने यह कहते हुए इसे ठुकरा दिया कि स्वास्थ्य योजना का अंशदान (Contribution) देरी से या एकमुश्त जमा किया गया है।

हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण व्यवस्था: मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने इस मामले में मानवीय और कानूनी दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि यदि अंशदान लेने में देरी हुई है या वह एकमुश्त लिया गया है, तो इसे आधार बनाकर किसी कर्मचारी के जीवन रक्षक इलाज का खर्च देने से मना नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को बिलों का तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


9 मार्च 2026: अगली सुनवाई पर टिकी नजरें

हाईकोर्ट के इन आदेशों ने शासन के भीतर हलचल तेज कर दी है। आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए यह एक बड़ी जीत है, जो लंबे समय से मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजर रहे थे। अब सरकार को अगली सुनवाई की तारीख यानी 9 मार्च से पहले अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।

जवाबदेही तय करने का वक्त

ये दोनों ही मामले दर्शाते हैं कि प्रशासनिक सुस्ती और तकनीकी अड़चनें अक्सर कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों पर भारी पड़ने लगती हैं। हाईकोर्ट का यह हस्तक्षेप न केवल पीड़ितों को राहत देगा, बल्कि भविष्य के लिए एक नजीर भी बनेगा कि वित्तीय आपत्तियों का सहारा लेकर किसी का ‘पेट’ और ‘इलाज’ नहीं रोका जा सकता।

You Might Also Like

सऊदी अरब में भीषण बस हादसा: 45 भारतीय तीर्थयात्रियों की दर्दनाक मौत, एक ही परिवार के 18 सदस्य शामिल
दिवाली और छठ पर रेलवे ने बिहार जाने वाले यात्रियों को दी बड़ी सौगात, दिल्ली से चलेगी वंदे भारत स्पेशल ट्रेन
SIR और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ इंडिया गठबंधन का संसद से चुनाव आयोग तक मार्च
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली महोत्सव-2025 में पत्रकारों संग साझा की खुशियाँ, भविष्य के विकास और स्वदेशी अपनाने का दिया संदेश
नई दिल्ली :देश के सभी हाईकोर्ट में एडिशनल सोलिसिटर जनरल ऑफ इण्डिया लगाए जाएंगें :केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू
TAGGED:Ayurveda University Teacher SalaryCareer Advancement SchemeJustice Manoj Kumar GuptaMedical Bill ReimbursementUttarakhand Govt NewsUttarakhand High Court News
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डमौसम

Monsoon Rain Alert: मैदानी इलाकों में थमा मॉनसून फिर पकड़ेगा रफ्तार, उत्तराखंड-हिमाचल में ‘रेड अलर्ट’; दिल्ली समेत 18 राज्यों में आफत की बारिश की चेतावनी

The Hill India News
The Hill India News
July 13, 2026
कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद के निधन पर भारत में आज एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक, आधा झुका रहेगा तिरंगा; पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
Bankok Pub Fire: थाईलैंड की राजधानी में बड़ा हादसा, पब में आग लगने से 27 लोगों की जिंदा जलकर मौत; सोशल मीडिया पर खौफनाक वीडियो वायरल
ऋषिकेश–डोईवाला हाईवे पर 3000 से अधिक पेड़ों के प्रस्तावित कटान का विरोध तेज, कांग्रेस और सामाजिक संगठनों ने सात मोड़ पर किया प्रदर्शन
J&K में सियासी भूचाल: उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा- ‘NC विधायक को तोड़ने के लिए मिला ₹30 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर’, BJP का पलटवार
देहरादून में ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शंखनाद: उत्तराखंड बना केंद्र का पहला साझीदार, सीएम धामी और किरेन रिजिजू ने बढ़ाया शिल्पकारों का मान
सहसपुर में बोले सीएम धामी- सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटेगी जनता, अब खुद उनके द्वार पहुंचेगी सरकार
जमानत मिलते ही हैवान बना POCSO का आरोपी: तेलंगाना में पत्नी, दो मासूम बच्चों और पीड़िता समेत 6 लोगों की बेरहमी से हत्या, दहला रंगा रेड्डी
भवाली नरेश पांडे कांड में नया मोड़: मूल पीड़िता को ही पुलिस ने बनाया आरोपी, अदालत ने रिमांड अर्जी खारिज कर दी जमानत
ऑकलैंड में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, भारत-न्यूजीलैंड FTA को बताया ऐतिहासिक मील का पत्थर
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?