By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: 26/11 हमले के बाद अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान पर नहीं किया हमला: पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम का बड़ा खुलासा
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > 26/11 हमले के बाद अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान पर नहीं किया हमला: पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम का बड़ा खुलासा
देशफीचर्ड

26/11 हमले के बाद अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान पर नहीं किया हमला: पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम का बड़ा खुलासा

The Hill India News
Last updated: October 1, 2025 3:50 am
The Hill India News
Published: October 1, 2025
Share
SHARE

नई दिल्ली। 26/11 मुंबई आतंकी हमले को लेकर देश के पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम का बयान सियासी हलचल मचा रहा है। चिदंबरम ने एक इंटरव्यू के दौरान बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि भारत ने उस समय अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय दबावों के चलते पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं की थी। उनका यह बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है और भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

Contents
क्या बोले पी. चिदंबरम?भाजपा का हमलाकांग्रेस की सफाई26/11 हमला: एक झकझोर देने वाली रातसवालों के घेरे में कांग्रेसअमेरिका की भूमिकाआज भी गूंजते हैं सवाल

क्या बोले पी. चिदंबरम?

एक प्रमुख टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम ने कहा –
“पूरी दुनिया दिल्ली आई थी यह कहने के लिए कि युद्ध मत शुरू करो। तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस भी आईं और उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की सैन्य प्रतिक्रिया न दें। मैंने साफ कहा था कि यह फैसला सरकार लेगी। बिना किसी रहस्य का खुलासा किए, मेरे दिमाग में यह था कि हमें प्रतिशोध में कुछ करना चाहिए।”

चिदंबरम ने आगे बताया कि उन्होंने उस समय के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। विदेश मंत्रालय और भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारियों की राय थी कि भारत को स्थिति पर “फिजिकल रिस्पॉन्स” नहीं देना चाहिए, बल्कि कूटनीतिक तरीके से इसे संभालना चाहिए।


भाजपा का हमला

चिदंबरम के बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा –
“17 साल बाद आज चिदंबरम ने वह स्वीकार किया जो पूरा देश जानता था। 26/11 को कांग्रेस सरकार ने विदेशी दबाव में झुककर गलत फैसला लिया। यह एक ऐसा कदम था जिसने शहीदों और निर्दोष लोगों के साथ न्याय नहीं किया।”

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश गुस्से में था और बदला चाहता था, तब यूपीए सरकार ने अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान को बचाया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस की प्राथमिकता देश की सुरक्षा थी या विदेशी ताकतों की इच्छाएं?


कांग्रेस की सफाई

हालांकि कांग्रेस की ओर से फिलहाल आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी के सूत्रों का कहना है कि उस समय लिया गया निर्णय अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध की संभावित बड़ी कीमत को देखते हुए सही था। पार्टी का मानना है कि सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते थे और भारत को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ने का खतरा था।


26/11 हमला: एक झकझोर देने वाली रात

26 नवंबर 2008 की रात को मुंबई आतंकवाद की एक ऐसी भीषण घटना का गवाह बनी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने समुद्र के रास्ते मुंबई में प्रवेश कर एक के बाद एक कई जगहों पर हमला किया।

आतंकियों ने सबसे पहले छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (CST) रेलवे स्टेशन पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसके बाद उन्होंने ताज होटल, ओबेरॉय होटल और नरीमन हाउस (यहूदी केंद्र) को निशाना बनाया। करीब 60 घंटे तक चले इस नरसंहार में 166 निर्दोष लोगों की जान गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए।

इस हमले को दुनिया भर में लाइव टीवी चैनलों पर देखा गया और इसे “भारत का 9/11” कहा गया। अंततः एनएसजी कमांडो ने आतंकियों को मार गिराया, जबकि एक आतंकी अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया।


सवालों के घेरे में कांग्रेस

चिदंबरम के इस बयान ने 2008 में यूपीए सरकार की रणनीति पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार को उस समय जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए थी? भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने “कमज़ोरी” दिखाई और देश के नागरिकों की भावनाओं के साथ अन्याय किया।

रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि उस समय की परिस्थितियां बेहद जटिल थीं। भारत अगर सैन्य जवाब देता तो दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच बड़ा युद्ध छिड़ सकता था। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि जवाबी कार्रवाई न करने से पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के हौसले बढ़े।


अमेरिका की भूमिका

चिदंबरम के बयान से यह भी साफ होता है कि उस समय अमेरिका ने भारत पर बड़ा दबाव बनाया था। तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस ने नई दिल्ली आकर भारतीय नेतृत्व से संयम बरतने की अपील की थी। अमेरिका नहीं चाहता था कि दक्षिण एशिया में युद्ध भड़के, क्योंकि उस समय वह अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया में पहले से ही उलझा हुआ था।


आज भी गूंजते हैं सवाल

17 साल बीतने के बाद भी 26/11 हमले का जख्म देश की यादों में ताज़ा है। शहीदों के परिवार और हमले में अपनों को खो चुके लोग अक्सर सवाल उठाते हैं कि पाकिस्तान और वहां पनप रहे आतंक के खिलाफ भारत ने उस समय कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की।

चिदंबरम के इस बयान ने इन सवालों को और गहरा कर दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस पर आधिकारिक सफाई देती है या नहीं।

26/11 हमले के बाद भारत सरकार के फैसले और अंतरराष्ट्रीय दबाव की कहानी आज फिर सुर्खियों में है। चिदंबरम का खुलासा न सिर्फ उस दौर की रणनीति पर प्रकाश डालता है बल्कि मौजूदा राजनीति में भी नए विवाद को जन्म देता है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर तकरार आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।

You Might Also Like

Uttarakhand: छोटी गाड़ियों के लिए खुला गौरीकुंड हाईवे, 2500 लोगों का किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
उत्तराखण्ड: देवबंद- रूड़की नई रेल लाईन के लिये चार गांवों की अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के लिए रेल मंत्रालय ने दी स्वीकृत
अमायरा सुसाइड केस: CBSE ने नीरजा मोदी स्कूल को दोषी ठहराया, परिवार ने शिक्षा विभाग की जांच को बताया “दिशा से भटका”—अभिभावकों में गुस्सा उबाल पर
समृद्धि महामार्ग एक्सप्रेसवे पर बस में लगी आग, 25 यात्रियों की जलकर मौत, कई घायल
शराब नीति मामले में केजरीवाल को 15 अप्रैल तक भेजा जेल, ED ने कहा- ‘गोल-मोल जवाब दे रहे हैं’
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तर प्रदेशफीचर्डराजनीति

सुबह 5 बजे पहुंचा प्रशासन, दो घंटे में जमींदोज हुआ सपा कार्यालय, सीतापुर में बुलडोजर कार्रवाई से मचा राजनीतिक भूचाल

The Hill India News
The Hill India News
June 22, 2026
राम मंदिर में कथित अनियमितताओं का खुलासा: बिना रसीद चंदा, जेवरों का हिसाब गायब, शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई
उद्धव सेना में बढ़ी बेचैनी: 20 में से 14 विधायक भी शिंदे के संपर्क में! इमरजेंसी बैठक से सियासी हलचल तेज
देवभूमि महासभा का संकल्प: दुल्हनिया नदी किनारे होगा वृहद वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल
मसूरी मॉल रोड पर ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा: पालिका टीम से अभद्रता और गाली-गलौज; भड़के कर्मचारियों ने घेरी कोतवाली, कार्य बहिष्कार की चेतावनी
पश्चिम बंगाल: शुभेंदु सरकार आज पेश करेगी ‘डबल इंजन’ राज का पहला पूर्ण बजट; स्वप्न दासगुप्ता के पिटारे से निकलेगा विकास का नया रोडमैप?
प्रयागराज में नाबालिग से हैवानियत करने वाला मुशर्रफ पुलिस मुठभेड़ में घायल, ट्रिपल मर्डर का आरोपी हिमांशु भी दबोचा
Weather Updates: फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, 23 जून को बिहार-झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश; यूपी-विदर्भ में लू का टॉर्चर ज़ारी
उत्तराखंड: अल्मोड़ा में सीएम धामी के काफिले के आगे कूदे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता, दिखाए काले झंडे; दन्या बाजार में भारी हंगामा
UKSSSC वाहन चालक भर्ती विवाद: मेरिट लिस्ट में ‘अजीबो-गरीब’ नामों और जेंडर पर घमासान, आयोग ने कहा- ‘अभिलेख सत्यापन में सीधे होंगे बाहर’
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?