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Reading: आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, मुख्यमंत्री धामी बोले- “लोकतंत्र रक्षकों के संघर्ष को देश कभी नहीं भूल सकता”
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The Hill India > Blog > उत्तराखंड > आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, मुख्यमंत्री धामी बोले- “लोकतंत्र रक्षकों के संघर्ष को देश कभी नहीं भूल सकता”
उत्तराखंड

आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, मुख्यमंत्री धामी बोले- “लोकतंत्र रक्षकों के संघर्ष को देश कभी नहीं भूल सकता”

The Hill India News
Last updated: June 26, 2025 1:45 pm
The Hill India News
Published: June 26, 2025
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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित “आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान कार्यक्रम” में शिरकत की। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 10 लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से नरेंद्र कुमार मित्तल और रणजीत सिंह जुयाल शामिल रहे।

Contents
उत्तराखंड के सेनानियों को किया यादयुवाओं को आपातकाल का इतिहास जानना जरूरी: धामीराज्य को वन मामलों में मिल रहा केंद्र का सहयोगलोकतंत्र सेनानियों के कल्याण को लेकर प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में लोकतंत्र सेनानियों को “महानायक” बताते हुए कहा, “आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय था, जिसने देश की आत्मा को झकझोर दिया। ऐसे समय में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने वाले सेनानियों को सम्मानित करना गर्व की बात है।”

उन्होंने कहा कि 1975 में लगाए गए आपातकाल ने संसद को बंधक बना दिया, प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई और न्यायपालिका की गरिमा को कुचला गया। इस दौर में लाखों लोगों को जेलों में ठूंसा गया, जिनमें पत्रकार, विपक्षी नेता, विद्यार्थी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडीज और चंद्रशेखर जैसे नेताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि “इन महापुरुषों के नेतृत्व में आपातकाल विरोधी आंदोलन एक राष्ट्रव्यापी जनक्रांति में तब्दील हो गया।”

उत्तराखंड के सेनानियों को किया याद

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि से भी अनेक वीर सपूतों ने लोकतंत्र की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई। बागेश्वर के चंद्र सिंह राठौर और पौड़ी के गोविंद राम ढींगरा जैसे सेनानियों ने व्यक्तिगत हानि सहकर भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की।

युवाओं को आपातकाल का इतिहास जानना जरूरी: धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं आपातकाल के समय भूमिगत रहकर संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” घोषित कर देश की युवा पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने का प्रयास किया है। उन्होंने हाल ही में गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा विमोचित पुस्तक “द इमरजेंसी डायरीज” का भी ज़िक्र किया, जिसमें आपातकाल के अनुभवों को विस्तार से दर्ज किया गया है।

राज्य को वन मामलों में मिल रहा केंद्र का सहयोग

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में वन संबंधित मुद्दों का शीघ्रता से निस्तारण हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्र से हरसंभव सहयोग मिल रहा है, जिससे विकास कार्यों को गति मिल रही है।

लोकतंत्र सेनानियों के कल्याण को लेकर प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के हित में राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में प्रदेशभर में आपातकाल विरोधी आंदोलन पर प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी, ताकि युवा पीढ़ी को लोकतंत्र के मूल्य और संघर्ष का वास्तविक महत्व समझाया जा सके।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, लोकतंत्र सेनानी और आमजन उपस्थित रहे।

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