By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: छत्तीसगढ़ : सरकार आदिवासी समाज के विकास के लिए विशेष अभियान चला रही है: प्रधानमंत्री मोदी
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > छत्तीसगढ़ : सरकार आदिवासी समाज के विकास के लिए विशेष अभियान चला रही है: प्रधानमंत्री मोदी
देशफीचर्ड

छत्तीसगढ़ : सरकार आदिवासी समाज के विकास के लिए विशेष अभियान चला रही है: प्रधानमंत्री मोदी

The Hill India News
Last updated: March 30, 2025 4:15 pm
The Hill India News
Published: March 30, 2025
Share
पोलैंड में PM मोदी
SHARE

बुनियादी ढांचे के विकास और सतत आजीविका को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ और लोकार्पण किया। आज नए वर्ष की शुभ शुरुआत और नवरात्र के पहले दिन उन्होंने माता महामाया की भूमि और माता कौशल्या के मायके के रूप में छत्तीसगढ़ के महत्व पर बल दिया। उन्होंने राज्य के लिए स्त्री देवत्व को समर्पित इन नौ दिनों के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने नवरात्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ में होने पर सौभाग्य व्यक्त किया और भक्त शिरोमणि माता कर्मा के सम्मान में हाल ही में जारी किए गए डाक टिकट पर सभी को बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्र उत्सव का समापन रामनवमी के उत्सव के साथ होगा, जो छत्तीसगढ़ में भगवान राम के प्रति अद्वितीय भक्ति विशेष रूप से रामनामी समाज का असाधारण समर्पण को उजागर करता है, जिसने अपना पूरा अस्तित्व भगवान राम के नाम पर समर्पित कर दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों को भगवान राम का मातृ परिवार बताते हुए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

इस पावन अवसर पर मोहभट्ट स्वयंभू शिवलिंग महादेव के आशीर्वाद से श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में विकास को गति देने के अवसर पर प्रकाश डाला। उन्होंने 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का उल्लेख किया, जिसमें गरीबों के लिए आवास, स्कूल, सड़क, रेलवे, बिजली और गैस पाइपलाइन शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए सुविधा बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर उपलब्‍ध कराना है। उन्होंने इन विकास पहलों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति के लिए सभी को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने आश्रय प्रदान करने के सांस्कृतिक महत्व पर बल देते हुए इसे  महान पुण्य बताया। उन्होंने कहा कि घर का मालिक होने का किसी का सपना पूरा होने की खुशी अद्वितीय है। नवरात्र और नव वर्ष के शुभ अवसर पर उन्होंने इस बात पर बल दिया कि छत्तीसगढ़ में तीन लाख गरीब परिवार अपने नए घरों में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने इन परिवारों को नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इन घरों के निर्माण का श्रेय अपने नेतृत्व में दिखाए गए भरोसे को दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लाखों परिवारों के लिए पक्के घर का सपना पहले नौकरशाही की फाइलों में खो गया था। उन्होंने इस सपने को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को याद किया। उन्होंने कहा कि श्री विष्णु देव के नेतृत्व में, पहला कैबिनेट निर्णय 18 लाख मकानों के निर्माण का था, जिनमें से तीन लाख पूरे हो चुके हैं। उन्होंने खुशी ज़ाहिर की कि इनमें से कई घर आदिवासी इलाकों में हैं, जो बस्तर और सरगुजा के परिवारों को लाभान्वित कर रहे हैं। उन्होंने उन परिवारों के लिए इन घरों के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार किया, जिन्होंने अस्थायी आश्रयों में पीढ़ियों तक कठिनाई झेली है। प्रधानमंत्री ने इसे ऐसे लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपहार बताया।

मोदी ने कहा, ” सरकार ने इन घरों के निर्माण में सहायता प्रदान की, लेकिन लाभार्थियों ने खुद ही तय किया कि उनके सपनों का घर कैसे बनाया जाएगा”, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ये घर सिर्फ चार दीवारें नहीं हैं, बल्कि जीवन में बदलाव हैं। उन्होंने इन घरों को शौचालय, बिजली, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और पाइप्ड पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं से लैस करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम में महिलाओं की महत्वपूर्ण उपस्थिति पर ध्यान दिया और कहा कि इनमें से अधिकांश घर महिलाओं के स्वामित्व में हैं। उन्होंने उन हजारों महिलाओं द्वारा हासिल की गई उपलब्धि को स्वीकार किया, जिन्होंने पहली बार अपने नाम पर संपत्ति पंजीकृत कराई है। उन्होंने इन महिलाओं के चेहरों पर झलकती खुशी और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया और इसे अपनी सबसे बड़ी संपत्ति बताया।

प्रधानमंत्री ने लाखों घरों के निर्माण के व्यापक प्रभाव पर बल दिया। इसने न केवल गांवों में स्थानीय कारीगरों, राजमिस्त्रियों और मजदूरों को रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराए, बल्कि इन घरों के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री स्थानीय स्तर पर प्राप्त की जाती है, जिससे छोटे दुकानदारों और परिवहन ऑपरेटरों को लाभ होता है। उन्होंने कहा कि इन आवास परियोजनाओं ने छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराए हैं, जिससे कई लोगों की आजीविका में योगदान मिला है।

श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है। श्री मोदी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों की बड़ी संख्या पर प्रकाश डाला। उन्‍होंने सरकारी गारंटियों के तेजी से कार्यान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं से किए गए वादों को पूरा किया गया है, जिसमें धान किसानों को दो साल का लंबित बोनस वितरित करना और बढ़ी हुई एमएसपी दरों पर धान की खरीद शामिल है। इन उपायों से लाखों किसान परिवारों को हजारों करोड़ रुपये मिले हैं। प्रधानमंत्री ने भर्ती परीक्षा घोटालों के लिए पिछली सरकार की आलोचना की तथा उनकी सरकार की पारदर्शी जांच और परीक्षाओं के निष्पक्ष संचालन पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन ईमानदार प्रयासों ने जनता के बढ़ते समर्थन के साथ विश्वास को मजबूत किया है, जो छत्तीसगढ़ में विधानसभा, लोकसभा और अब नगर निगम चुनावों में उनकी जीत से स्पष्ट है। उन्होंने अपनी सरकार की पहलों के लिए लोगों के जबरदस्‍त समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
श्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है। इसे राज्य के रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाना संयोग है क्योंकि इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार 2025 को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मना रही है। उन्‍होंने प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा, “हमने इसे बनाया है, और हम इसे विकसित करेंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आज उद्घाटन और लॉन्च की गई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं इस संकल्प का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य के रूप में बनाना पड़ा क्योंकि विकास का लाभ इस क्षेत्र तक नहीं पहुंच रहा था। श्री मोदी ने विकास करने में विफलता और शुरू की गई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के लिए पिछली सरकार की आलोचना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उनकी सरकार ने लोगों की भलाई को प्राथमिकता दी है, उनके जीवन, सुविधाओं और उनके बच्चों के लिए अवसरों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के हर गाँव में विकास योजनाओं को लाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में प्रगति को रेखांकित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि वहां पहली बार गुणवत्तापूर्ण सड़कें पहुँच रही हैं। श्री मोदी ने कई क्षेत्रों में रेल सेवाओं की शुरूआत का उल्लेख किया, जिसमें कार्यक्रम में पहले एक नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाना भी शामिल है। उन्होंने पहले वंचित क्षेत्रों में बिजली, पाइप से पानी और मोबाइल टावरों के आगमन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने नए स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों के निर्माण की जानकारी दी। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि ये पहल छत्तीसगढ़ के परिदृश्य को बदल रही हैं।

छत्तीसगढ़ के पूर्ण विद्युतीकृत रेल नेटवर्क वाले राज्यों में से एक बनने की उपलब्धि की जानकारी देते हुए, प्रधानमंत्री ने इसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्तमान में लगभग 40,000 करोड़ रुपये  मूल्य की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें इस वर्ष के बजट में विभिन्न क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों में रेल संपर्क में सुधार के लिए 7,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्‍होंने इस बात पर बल दिया कि विकास के लिए बजटीय समर्थन और ईमानदार इरादों दोनों की आवश्यकता होती है। श्री मोदी ने भ्रष्टाचार और अक्षमता के लिए पिछली सरकार की आलोचना की, जिसने आदिवासी क्षेत्रों में प्रगति में बाधा डाली। उन्होंने कोयले का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रचुर भंडार के बावजूद, पिछली सरकारों द्वारा बिजली संयंत्रों की उपेक्षा के कारण राज्य को बिजली की कमी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के तहत, इन मुद्दों को हल करने और राज्य के लिए विश्वसनीय बिजली सुनिश्चित करने के लिए नए बिजली संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा पर सरकार के फोकस और ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य बिजली के बिलों को खत्म करना और घरों को बिजली का उत्पादन करके आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सौर पैनल लगाने के लिए प्रति घर 78,000 रुपये की सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में दो लाख से अधिक परिवार पहले ही इस योजना के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।  उन्होंने अन्य लोगों को भी महत्वपूर्ण लाभ के लिए इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़, भू-आबद्ध राज्य है, जिसमें गैस पाइपलाइन पहुंचाने की चुनौती है। इसका समाधान करने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर देते हुए, श्री मोदी ने गैस अवसंरचना में आवश्यक निवेश की उपेक्षा करने के लिए पिछली सरकार की आलोचना की और क्षेत्र में गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए किए जा रहे कार्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये पाइपलाइन पेट्रोलियम उत्पादों के लिए ट्रक परिवहन पर निर्भरता कम करेंगी, उपभोक्ताओं के लिए लागत कम करेंगी और सीएनजी वाहनों का उपयोग संभव करेंगी। उन्होंने कहा कि पाइप्ड कुकिंग गैस से घरों को लाभ होगा, जिसका लक्ष्य दो लाख से अधिक घरों तक रसोई गैस पहुंचाना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गैस की उपलब्धता छत्तीसगढ़ में नए उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाएगी, जिससे रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर उपलब्‍ध होंगे।

प्रधानमंत्री ने दशकों से चली आ रही पिछली सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इन नीतियों की वजह से छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों में नक्सलवाद को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद उन इलाकों में पनपा है जहां विकास और संसाधन नहीं हैं और इन मुद्दों से निपटने के बजाय ऐसे जिलों को पिछड़ा घोषित कर दिया गया था जिससे उनकी जिम्मेदारी से बचा जा सके। उन्होंने पिछली सरकार के शासन में छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सबसे वंचित आदिवासी परिवारों की उपेक्षा पर प्रकाश डाला। इसके विपरीत, उन्होंने गरीब आदिवासी समुदायों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने शौचालय उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छ भारत अभियान, 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की पेशकश करने वाली आयुष्मान भारत योजना और 80% छूट पर दवाइयां उपलब्ध कराने वाले पीएम जन औषधि केंद्रों की स्थापना जैसी पहलों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने उन लोगों की आलोचना की जो आदिवासी समुदाय की उपेक्षा करते हुए सामाजिक न्याय का झूठा दावा करते हैं। उन्होंने आदिवासी समाज के विकास के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने “धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान” की शुरूआत का जिक्र किया, जिसके तहत आदिवासी क्षेत्रों में लगभग 80,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के लगभग 7,000 आदिवासी गांवों को लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों के सामने आने वाली अनूठी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, श्री मोदी ने इन समुदायों के लिए अपनी तरह की पहली पहल “पीएम जनमन योजना” की शुरूआत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत, छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में 2,000 से अधिक बस्तियों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने देश भर में आदिवासी बस्तियों के लिए 5,000 किलोमीटर सड़कों की मंजूरी का जिक्र किया, जिसमें से लगभग आधी – 2,500 किलोमीटर – पीएम जनमन योजना के तहत छत्तीसगढ़ में बनाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के तहत कई लाभार्थियों को स्थायी घर मिले हैं।

केंद्र और राज्य सरकारों के तहत छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए, श्री मोदी ने सुकमा जिले के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र मिलने और दंतेवाड़ा में कई वर्षों के बाद स्वास्थ्य केंद्र को फिर से खोलने जैसी उपलब्धियों से आए नए आत्मविश्वास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति के नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2024 में अपने “मन की बात” कार्यक्रम के दौरान चर्चा किए गए बस्तर ओलिम्पिक की जानकारी दी। छत्तीसगढ़ में सकारात्मक बदलावों के सबूत के रूप में, उन्होंने इस आयोजन में हजारों युवाओं की उत्साही भागीदारी का जिक्र किया, जो राज्य की प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के बारे में आशा व्यक्त की और राज्य द्वारा नई शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन की प्रशंसा की। उन्होंने देश भर में 12,000 से अधिक आधुनिक पीएम श्री स्कूलों की स्थापना की जानकारी दी जिनमें छत्तीसगढ़ में लगभग 350 शामिल हैं। ये अन्य स्कूलों के लिए मॉडल के रूप में काम करेंगे और राज्य की शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाएंगे।

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में एकलव्य मॉडल स्कूलों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को फिर से खोलने की सराहना की। उन्होंने राज्य में विद्या समीक्षा केंद्र का भी उद्घाटन किया और इसे देश की शिक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस पहल से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और कक्षाओं में शिक्षकों और विद्यार्थियों को वास्तविक समय में सहायता मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एक और वादे को पूरा करने का जिक्र किया, जो हिंदी में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई को सक्षम बनाता है। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल गांवों, वंचितों और आदिवासी परिवारों के युवाओं के लिए भाषा की बाधाओं को दूर करेगी और उन्हें अपने सपनों को हासिल करने में मदद करेगी। उन्होंने पिछले वर्षों में श्री रमन सिंह द्वारा रखी गई मजबूत नींव को स्वीकार किया और इसे और मजबूत करने के लिए वर्तमान सरकार के प्रयासों को दोहराया। उन्होंने अगले 25 वर्षों में इस नींव पर विकास की भव्य संरचना बनाने की कल्पना की।

छत्तीसगढ़ के संसाधनों, सपनों और संभावनाओं की प्रचुरता का जिक्र करते हुए उन्‍होंने राज्य की 50वीं वर्षगांठ तक देश के अग्रणी राज्यों में से एक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि विकास का लाभ छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रामेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल और श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष श्री रमन सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

You Might Also Like

ABVP की महिला कार्यकर्ता को बाल पकड़कर घसीटा, तेलंगाना पुलिस की बर्बरता वीडियो हुआ वायरल
15 नवंबर: जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को दी गई थी फांसी — आज़ादी के बाद स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा न्यायिक फैसला
नई दिल्ली : राजू श्रीवास्तव (कॉमेडियन ) का 58 वर्ष की आयु में निधन, एम्स में ली अंतिम सांस
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा 2026 को लेकर बढ़ा उत्साह, 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
महाराष्ट्र: गैस सिलेंडर की कतार बनी ‘डेथ वारंट’, 5 घंटे लाइन में खड़े पूर्व सरपंच की मौत; व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
TAGGED:campaignChhattisgarhdevelopmentGovernmentPrime Minister Moditribal society
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डस्पोर्ट्स

फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें

The Hill India News
The Hill India News
June 27, 2026
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
रुड़की में मामा की बेटी से लव मैरिज की खौफनाक सजा, सगे मामा ने बीच बाजार भांजे को चाकुओं से गोदकर मार डाला
मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
उत्तराखंड की बेटी सपना राणा को जर्मनी में मिली ₹3.30 लाख की नौकरी, CM धामी की वैश्विक रोजगार योजना का बड़ा असर
प्यार, साजिश और मौत: मंगेतर सिया ने प्रेमी के साथ मिलकर रचा केतन की हत्या का खौफनाक खेल, कैफे में बना था पूरा प्लान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?