हरिद्वार में बाइक और मोबाइल लूटकर फरार हुआ था आदित्य वशिष्ठ उर्फ पंडित, पुलिस ने औरंगाबाद से डालूवाला जाने वाले रास्ते पर दबोचा; तमंचा, जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद
हरिद्वार/देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून से लेकर हरिद्वार तक दो अलग-अलग आपराधिक घटनाओं से जुड़े मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में एक महिला के अपहरण का प्रयास और हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में तमंचे के बल पर बाइक व मोबाइल लूटने के मामले में फरार चल रहे पांच हजार रुपये के इनामी आरोपी आदित्य वशिष्ठ उर्फ पंडित को हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी आदित्य वशिष्ठ निवासी औरंगाबाद, थाना सिडकुल, हरिद्वार की उम्र 21 वर्ष है। वह सिडकुल क्षेत्र में हुई लूट की घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। आखिरकार पुलिस ने उसे औरंगाबाद से डालूवाला मजबता की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले की खास बात यह है कि हरिद्वार में लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों के तार देहरादून में एक महिला के अपहरण के प्रयास से जुड़ते हैं। पुलिस की जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, पहले महिला को निशाना बनाने की कोशिश की गई और इसके अगले दिन हरिद्वार में बाइक सवार युवक से तमंचे के बल पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। दोनों घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की पड़ताल की।
देहरादून में महिला के अपहरण का प्रयास, फिर हरिद्वार पहुंचे आरोपी
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में सुषमा वर्मा नाम की महिला का दिनदहाड़े अपहरण करने का प्रयास किया गया था। हालांकि, आरोपी अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके। घटना के बाद पुलिस का दबाव बढ़ा तो आरोपियों के हरिद्वार पहुंचने की बात सामने आई। इसके बाद 24 सितंबर को हरिद्वार के सिडकुल थाना क्षेत्र में लूट की वारदात हुई।
जांच में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, देहरादून में महिला के अपहरण की योजना बनाने में एक 19 वर्षीय युवती की भूमिका भी सामने आई थी। रायपुर थाना पुलिस ने इस मामले में युवती को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान युवती ने पुलिस को बताया कि वह दीपक नाम के युवक को पिछले करीब दो वर्षों से जानती थी। दोनों अपना कारोबार शुरू करना चाहते थे और इसी सिलसिले में उनकी मुलाकात सुषमा वर्मा से हुई थी।
पुलिस के अनुसार, महिला और युवती के बीच डेयरी का कारोबार शुरू करने तथा कारोबार में हुए नुकसान को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के बाद महिला को सबक सिखाने के उद्देश्य से उसके अपहरण की योजना बनाई गई। आरोप है कि इस योजना में दीपक और उसके साथियों ने युवती का साथ दिया। हालांकि, अपहरण का प्रयास सफल नहीं हुआ।
इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की। इसी बीच हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में हुई लूट की घटना की जांच के दौरान भी आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।
शराब पीने के बाद पैसों की कमी बताकर की लूट
हरिद्वार पुलिस के मुताबिक, 24 सितंबर को चारों आरोपियों ने पहले शराब पी। इसके बाद उनके पास पैसे खत्म हो गए। पुलिस की जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, पैसों की कमी के बाद आरोपियों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया।
आरोप है कि सिडकुल थाना क्षेत्र में रौ नदी के पास से गुजर रहे बाइक सवार पंकज को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने तमंचे का डर दिखाकर उससे मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन लूट लिया और मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कीं। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस को वारदात में चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई शुरू की। इस मामले में दीपक, आकाश उर्फ पहाड़ी और सुशांत झड़ियाल उर्फ लक्की को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। तीनों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, चौथा आरोपी आदित्य वशिष्ठ उर्फ पंडित लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
पांच हजार रुपये का इनाम घोषित, लगातार ठिकाने बदल रहा था आरोपी
लूट की वारदात के बाद से फरार चल रहे आदित्य वशिष्ठ उर्फ पंडित की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अहम थी। पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसे पकड़ने में परेशानी हो रही थी।
हालांकि, पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी रहीं। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को औरंगाबाद से डालूवाला मजबता की ओर जाने वाले मार्ग पर एक पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस अब बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
आदित्य की गिरफ्तारी के साथ ही सिडकुल क्षेत्र में बाइक और मोबाइल लूट के मामले में फरार चल रहे चार आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी हो गई है। पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी से इस मामले में पुलिस की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
युवती से पूछताछ में सामने आया विवाद का मामला
देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में महिला के अपहरण के प्रयास की जांच के दौरान गिरफ्तार की गई 19 वर्षीय युवती से पूछताछ में कारोबार से जुड़ा विवाद सामने आया था। पुलिस के अनुसार, युवती और दीपक एक-दूसरे को करीब दो साल से जानते थे। दोनों अपना कारोबार शुरू करना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात सुषमा वर्मा से हुई थी।
बताया गया कि डेयरी खोलने को लेकर महिला और युवती के बीच कारोबारी नुकसान के मुद्दे पर विवाद हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बाद महिला को सबक सिखाने के लिए अपहरण की योजना बनाई गई। आरोप है कि इस योजना में दीपक और उसके साथियों ने युवती की मदद की।
इस मामले में पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। वहीं, हरिद्वार में लूट के मामले में दीपक और उसके साथियों की गिरफ्तारी हुई। दोनों घटनाओं के बीच सामने आए संबंधों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की भूमिका की जांच की। हालांकि, दोनों मामलों में प्रत्येक आरोपी की भूमिका का निर्धारण संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
मुख्य आरोपी आदित्य वशिष्ठ उर्फ पंडित: निवासी ग्राम औरंगाबाद, थाना सिडकुल, जिला हरिद्वार। उम्र करीब 21 वर्ष। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके कब्जे से तमंचा, एक जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद करने की जानकारी दी है।
पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी:
- दीपक: पुत्र दलीप कुमार, निवासी ग्राम खागा, थाना खागा, जिला फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश; वर्तमान पता विष्णुलोक कॉलोनी, रानीपुर, हरिद्वार।
- आकाश उर्फ पहाड़ी: निवासी ग्राम नगर, जिला पौड़ी गढ़वाल; वर्तमान पता विष्णुलोक कॉलोनी, थाना रानीपुर, हरिद्वार।
- सुशांत झड़ियाल उर्फ लक्की: निवासी शिवरतन सिटी, नवोदय नगर, थाना सिडकुल, हरिद्वार।
पुलिस के अनुसार, इन तीनों आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आदित्य की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
एसपी सिटी ने क्या कहा?
हरिद्वार के एसपी सिटी दीपक सिंह के मुताबिक, लूट की वारदात का खुलासा करने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। मामले में फरार चल रहे पांच हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एसपी सिटी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ी
देहरादून में महिला के अपहरण के प्रयास और हरिद्वार में लूट की घटना ने दोनों शहरों की पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की चुनौती पेश की थी। हरिद्वार पुलिस ने लूट के मामले में पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और अब फरार चल रहे इनामी आरोपी आदित्य वशिष्ठ उर्फ पंडित को भी पकड़ लिया है।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में लूट की वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और हथियार बरामद किए गए हैं। वहीं, देहरादून के मामले में महिला और युवती के बीच कारोबारी विवाद को अपहरण के प्रयास की योजना से जोड़कर जांच की गई थी।
फिलहाल, आदित्य की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है। इन घटनाओं से जुड़े सभी आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। पुलिस की जांच और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य ही आरोपियों की जिम्मेदारी निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
