ड्रग विभाग और कलियर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; पूछताछ में नशे के आदी लोगों को दवाएं बेचकर मोटा मुनाफा कमाने का खुलासा
रुड़की: हरिद्वार जिले के पिरान कलियर क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित तौर पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। एसटीएफ देहरादून, कलियर पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान टीम ने मेडिकल स्टोर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं को बरामद किया है। बरामदगी में 1150 ट्रामाडोल कैप्सूल और 10 कोडीन युक्त कफ सिरप शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि पिरान कलियर क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर से नशे के आदी लोगों को नशीली दवाएं बेची जा रही हैं। सूचना के आधार पर एसटीएफ ने मामले की जानकारी जुटाई और इसके बाद ड्रग विभाग तथा कलियर पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की योजना तैयार की।
शिकायत के बाद STF ने बिछाया जाल
एसटीएफ देहरादून की टीम को सूचना मिली थी कि सावरी नावेद टी स्टॉल के सामने संचालित मोनी मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ ने पहले मामले की जानकारी जुटाई। इसके बाद ड्रग विभाग और कलियर पुलिस को साथ लेकर संयुक्त टीम गठित की गई।
15 सितंबर को टीम ने अचानक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। अचानक हुई कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। टीम ने मेडिकल स्टोर के काउंटर और अन्य स्थानों की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में ऐसी दवाएं मिलीं, जिनकी बिक्री और इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल सामने आए।
दुकान से मिले 1150 कैप्सूल और 10 कफ सिरप
छापेमारी के दौरान टीम को मेडिकल स्टोर से कुल 1150 Puroxiwin Spas कैप्सूल बरामद हुए। इसके अलावा 10 Codeictus TR कफ सिरप भी बरामद किए गए, जिनमें Triplolidine HCl और Codeine Phosphate होने की जानकारी दी गई है।
इतनी बड़ी संख्या में कैप्सूल बरामद होने के बाद टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। कार्रवाई के दौरान कुर्बान अली, उम्र 40 वर्ष, पुत्र अब्दुल मजीद निवासी महमूदपुर और आदिल, उम्र 24 वर्ष, पुत्र जिंदा हसन निवासी मुकरपुर को हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक पूछताछ और बरामद सामग्री के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
मूल पैकिंग और लेबल हटाकर बेचने का आरोप
एसटीएफ निरीक्षक भवानी शंकर पंत के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद कैप्सूल ट्रामाडोल के हैं। आरोप है कि पकड़े जाने से बचने के लिए कैप्सूल की मूल पैकिंग और लेबल हटाकर उन्हें खुले में बेचा जाता था।
जांच के दौरान टीम को दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड भी नहीं मिला। इसके अलावा मौके पर किसी चिकित्सक का प्रिस्क्रिप्शन भी उपलब्ध नहीं पाया गया।
एसटीएफ के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई कि कथित तौर पर इन दवाओं को नशे के आदी लोगों को बेचा जाता था और इससे आरोपियों को मोटा मुनाफा होता था।
मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का कारोबार?
मेडिकल स्टोर पर हुई इस कार्रवाई ने क्षेत्र में अवैध तरीके से नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामान्य तौर पर मेडिकल स्टोर से दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर की जानी होती है। लेकिन इस मामले में एसटीएफ का आरोप है कि दवाओं की बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और न ही मौके पर संबंधित चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन मौजूद था।
सबसे बड़ी बरामदगी 1150 कैप्सूल की है। इतनी बड़ी संख्या में कैप्सूल मिलने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये दवाएं कहां से लाई गई थीं और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
दोनों आरोपियों पर NDPS एक्ट में मुकदमा
मामले में प्रारंभिक जांच के बाद कोतवाली कलियर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है। अब आगे की जांच में बरामद दवाओं के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और कथित खरीदारों से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती हैं कि क्या इस गतिविधि में केवल मेडिकल स्टोर पर मौजूद दोनों आरोपी शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत कार्रवाई
उत्तराखंड में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत एसटीएफ और पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिरान कलियर में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा बताई गई है।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और तस्करी से जुड़े मामलों में सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
जनता से भी सहयोग की अपील
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने आमजन से नशे से दूर रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री या तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल न हों।
अधिकारियों ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास नशीली दवाओं की बिक्री, तस्करी या अवैध सप्लाई से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना स्थानीय पुलिस, एसटीएफ या एएनटीएफ उत्तराखंड को दी जाए।
