By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: नेपाल की बाढ़ त्रासदी में शांतिकुंज का सेवा संकल्प, हरिद्वार से राहत दल रवाना; तिरपाल, राशन और दवाइयां पहुंचाएंगे
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > नेपाल की बाढ़ त्रासदी में शांतिकुंज का सेवा संकल्प, हरिद्वार से राहत दल रवाना; तिरपाल, राशन और दवाइयां पहुंचाएंगे
उत्तराखंडफीचर्ड

नेपाल की बाढ़ त्रासदी में शांतिकुंज का सेवा संकल्प, हरिद्वार से राहत दल रवाना; तिरपाल, राशन और दवाइयां पहुंचाएंगे

The Hill India News
Last updated: August 27, 2026 7:33 am
The Hill India News
Published: August 27, 2026
Share
SHARE

हरिद्वार: पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हरिद्वार स्थित शांतिकुंज ने राहत अभियान शुरू कर दिया है। प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से शांतिकुंज हरिद्वार से एक विशेष सेवा दल नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना हुआ है। इस दल में करीब 50 नेपाली कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय गायत्री परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। राहत दल अपने साथ तिरपाल, राशन, आवश्यक दवाइयां और रोजमर्रा की जरूरत का सामान लेकर प्रभावित इलाकों तक पहुंचेगा।

Contents
शांतिकुंज से सेवा दल नेपाल के लिए रवानातिरपाल, राशन और जरूरी दवाइयों से मिलेगी राहतसेवा को बताया मानवीय दायित्वराहत सामग्री के साथ भरोसे और अपनत्व का संदेश

नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को मुश्किल हालात में डाल दिया है। बाढ़ और फ्लैश फ्लड के कारण प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के घरों और जरूरी सामान को भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ऐसे समय में शांतिकुंज और अखिल विश्व गायत्री परिवार ने पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का संकल्प लेते हुए राहत कार्य शुरू किया है।

शांतिकुंज से सेवा दल नेपाल के लिए रवाना

शांतिकुंज हरिद्वार लंबे समय से आध्यात्मिक जागरण के साथ-साथ समाज सुधार, नैतिकता, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहा है। प्राकृतिक आपदाओं और संकट के समय भी संगठन द्वारा राहत एवं सेवा कार्य किए जाते रहे हैं। नेपाल में आई इस भीषण आपदा के बाद शांतिकुंज ने प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए सेवा दल को रवाना किया है।

संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, राहत अभियान का उद्देश्य उन परिवारों तक जरूरी सामग्री पहुंचाना है, जो बाढ़ के कारण अपने घरों और आवश्यक संसाधनों से वंचित हो गए हैं। सेवा दल प्रभावित क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुसार जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।

तिरपाल, राशन और जरूरी दवाइयों से मिलेगी राहत

नेपाल रवाना हुआ राहत दल अपने साथ आपदा प्रभावित परिवारों के लिए कई आवश्यक वस्तुएं लेकर गया है। इनमें तिरपाल, राशन सामग्री, जरूरी दवाइयां और दैनिक उपयोग का सामान शामिल है। बाढ़ जैसी आपदा के बाद सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों के सामने सुरक्षित आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की होती है।

ऐसे में तिरपाल उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं, जिनके घरों को नुकसान पहुंचा है या जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से रहना पड़ रहा है। वहीं राशन सामग्री से प्रभावित परिवारों को भोजन की तत्काल आवश्यकता पूरी करने में मदद मिलेगी। आवश्यक दवाइयों और स्वास्थ्य संबंधी सामग्री से भी राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

सेवा दल का उद्देश्य केवल राहत सामग्री वितरित करना नहीं है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए लोगों तक हरसंभव सहयोग पहुंचाना भी है।

सेवा को बताया मानवीय दायित्व

गायत्री परिवार का कहना है कि भारत और नेपाल के बीच केवल भौगोलिक निकटता ही नहीं, बल्कि सदियों पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और आत्मीय संबंध भी रहे हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव बेहद मजबूत है। ऐसे में नेपाल के लोगों पर आई इस प्राकृतिक विपदा में उनके साथ खड़ा होना संगठन अपना मानवीय दायित्व मानता है।

संगठन का कहना है कि सेवा और संवेदना की भावना से प्रेरित होकर राहत अभियान चलाया जा रहा है। परमपूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीया माताजी भगवती देवी शर्मा द्वारा दिए गए सेवा, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कार्यकर्ता इस अभियान में जुटे हैं।

मुश्किल समय में किसी जरूरतमंद व्यक्ति तक भोजन, दवा या रहने की अस्थायी व्यवस्था पहुंचाना केवल सहायता नहीं, बल्कि मानवता के प्रति जिम्मेदारी भी है। यही भावना शांतिकुंज से नेपाल के लिए रवाना हुए सेवा दल के अभियान में दिखाई दे रही है।

राहत सामग्री के साथ भरोसे और अपनत्व का संदेश

प्राकृतिक आपदाएं केवल घरों और संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचातीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के जीवन में असुरक्षा और चिंता भी पैदा कर देती हैं। ऐसे समय में बाहरी सहायता पीड़ितों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बन सकती है। शांतिकुंज का राहत दल भी प्रभावित परिवारों तक केवल राशन, तिरपाल और दवाइयां ही नहीं पहुंचाएगा, बल्कि उनके बीच यह संदेश भी लेकर जाएगा कि इस कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं।

गायत्री परिवार का मानना है कि आपदा के समय मानवीय संवेदना और एक-दूसरे के प्रति सहयोग की भावना सबसे बड़ी ताकत होती है। राहत अभियान के माध्यम से प्रभावित लोगों तक करुणा, अपनत्व और सहयोग का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

संगठन ने बाढ़ और प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि भी अर्पित की है तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

नेपाल में बाढ़ की इस गंभीर स्थिति के बीच हरिद्वार के शांतिकुंज से रवाना हुआ सेवा दल मानवता और सेवा का एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर प्रभावित इलाकों की ओर बढ़ा है। करीब 50 नेपाली कार्यकर्ताओं और स्थानीय गायत्री परिजनों की भागीदारी वाला यह अभियान जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाने का प्रयास करेगा। तिरपाल, राशन, दवाइयों और जरूरी सामान के साथ यह सेवा दल उन लोगों के लिए मदद और भरोसे की उम्मीद बनकर पहुंचने की तैयारी में है, जिनका जीवन प्राकृतिक आपदा के कारण अचानक संकट में आ गया है।

You Might Also Like

UP Voter List 2026: उत्तर प्रदेश मतदाता सूची में ऐतिहासिक ‘शुद्धीकरण’, 2.89 करोड़ नाम कटे; लखनऊ और कानपुर में सबसे बड़ा उलटफेर
बिहार: MLC पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा की राह पर नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री पद पर फिलहाल बने रहेंगे
आजम खान पर ED का बड़ा शिकंजा: जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यूपी से दिल्ली तक 10 ठिकानों पर छापेमारी
Dehradun: डीएम सविन बंसल ने नगर निगम की सफाई कार्यों की समीक्षा के दौरान, पकड़ी ये कमजोर कड़ी
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप की चैंपियन महिला मुक्केबाजों से मुलाकात की
TAGGED:Gayatri ParivarHaridwarHumanitarian AidNepal FloodsRelief OperationShantikunjUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता

The Hill India News
The Hill India News
October 19, 2026
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर देश की सियासत गरम, CJP के दो नेता तिहाड़ जेल पहुंचे; राहुल गांधी से केजरीवाल तक ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के किसान से उत्तराखंड के राजभवन तक! कौन हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए विधायक से सांसद और राज्यपाल बनने तक का पूरा सफर
उत्तराखंड में ई-चालान काटना आसान, वसूली बनी बड़ी चुनौती! अब बकाया जुर्माना नहीं भरने वालों की RC, फिटनेस और वाहन ट्रांसफर सेवाओं पर लग सकती है रोक
हरिद्वार में धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक से पहले मां गंगा की शरण में पहुंचे CM धामी और मंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च से हाई अलर्ट! राजीव चौक समेत 6 मेट्रो स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें पूरा अपडेट
‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब! वीकेंड पर 11 अक्टूबर तक ट्रैफिक प्लान लागू, भारी वाहनों की एंट्री बंद; जानें कहां होगी पार्किंग और किन रास्तों से गुजरेंगे वाहन
कैंसर से जंग लड़ रही महिला पर दोहरी मार! तिलवाड़ा में खुदाई से चार मंजिला मकान पर मंडराया खतरा, बेबस प्रभा सकलानी ने CM धामी से लगाई न्याय की गुहार
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?