हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले के बीच आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। राजीव नगर स्थित एक डेयरी संचालक पर लंबे समय से दूध की डेयरी की आड़ में अवैध शराब बेचने का संदेह था। लगातार मिल रही शिकायतों और खुफिया सूचना के आधार पर आबकारी विभाग ने छापेमारी की, जिसमें भारी मात्रा में देशी और अंग्रेजी शराब के साथ बीयर का जखीरा बरामद हुआ। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
आबकारी निरीक्षक दर्शन सिंह चौहान के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गुरुवार रात राजीव नगर स्थित शंकर डेयरी पर छापा मारा। तलाशी के दौरान जो नजारा सामने आया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। घर के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी मात्रा में शराब छिपाकर रखी गई थी। इतना ही नहीं, फ्रिज के भीतर बीयर की कैन भी ठंडी करके रखी गई थीं, ताकि उन्हें ग्राहकों को तुरंत बेचा जा सके।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
आबकारी विभाग की कार्रवाई में कुल 138 टेट्रा पैक माल्टा ब्रांड देशी शराब, 149 पव्वे अंग्रेजी शराब तथा 42 कैन बीयर बरामद की गई। अंग्रेजी शराब की खेप में विभिन्न ब्रांड शामिल थे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पूरी शराब को जब्त कर लिया और आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी लंबे समय से दूध की डेयरी की आड़ लेकर अवैध शराब का कारोबार चला रहा था। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य डेयरी प्रतीत होती थी, लेकिन अंदर बड़े पैमाने पर शराब का भंडारण किया गया था।
कांवड़ मेले को बनाया था अवैध कमाई का जरिया
जांच अधिकारियों का मानना है कि कांवड़ मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही का फायदा उठाकर अवैध शराब की बिक्री की योजना बनाई गई थी। मेले के दौरान शराब की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए आरोपी ने पहले से ही अपने घर में बड़ी मात्रा में शराब जमा कर रखी थी।
सूत्रों के अनुसार, आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डेयरी की आड़ में अवैध शराब की बिक्री लगातार जारी है। सूचना की पुष्टि होने के बाद विभाग ने पूरी योजना बनाकर देर रात छापेमारी की, ताकि आरोपी को भागने या सबूत नष्ट करने का मौका न मिल सके।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, फिर भी नहीं रुका कारोबार
यह पहला मामला नहीं है जब शंकर डेयरी का नाम अवैध शराब के कारोबार में सामने आया हो। आबकारी विभाग के अनुसार, इससे पहले भी इसी डेयरी पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई थी और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद आरोपी ने अपना अवैध कारोबार बंद नहीं किया और दोबारा उसी तरीके से शराब का नेटवर्क संचालित करता रहा।
इस बार मिली बरामदगी से साफ संकेत मिलता है कि यह कोई छोटी-मोटी गतिविधि नहीं, बल्कि संगठित तरीके से चलाया जा रहा अवैध कारोबार हो सकता है। यही कारण है कि विभाग अब केवल बरामद शराब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की तैयारी में है।
पूरे नेटवर्क की होगी जांच
जिला आबकारी अधिकारी कैलाश चंद बिंजोला ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। बरामद शराब कहां से लाई गई, किसे सप्लाई की जानी थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग का उद्देश्य केवल एक खेप पकड़ना नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
कांवड़ मेले में विशेष अभियान जारी
कांवड़ मेले के दौरान कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आबकारी विभाग पूरे जिले में विशेष अभियान चला रहा है। विभाग की टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों, संदिग्ध दुकानों, गोदामों और आवासीय परिसरों पर नजर बनाए हुए हैं। जहां भी अवैध शराब की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मेले के दौरान किसी भी कीमत पर अवैध शराब की बिक्री या तस्करी को सफल नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
हरिद्वार में हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासन अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ अभियान चला रहा है। खासकर धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को रोकने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।
दूध की डेयरी जैसी सामान्य व्यावसायिक गतिविधि की आड़ में चल रहे इस कथित अवैध कारोबार का खुलासा प्रशासन के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और बरामद शराब की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की कार्रवाई की जाएगी।
