नोएडा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के विकास को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी न्यू नोएडा (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र – DNGIR) परियोजना अब तेजी से जमीन पर उतरने लगी है। नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान-2041 के तहत पहले चरण में शामिल 37 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। अगस्त महीने से राजस्व विभाग और नोएडा प्राधिकरण की संयुक्त टीमें गांवों में पहुंचकर भू-अभिलेखों का सत्यापन, खसरा-खतौनी की जांच और जमीन की सीमाओं का सर्वेक्षण करेंगी। इसके साथ ही इन गांवों में जमीनों की खरीद-बिक्री पर भी रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
यह परियोजना केवल एक नया शहर बसाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे उत्तर भारत के सबसे बड़े औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। यही वजह है कि इस परियोजना को दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे देश और विदेश की बड़ी कंपनियों के निवेश की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी।
पहले चरण में 37 गांव होंगे शामिल
मास्टर प्लान-2041 के अनुसार पहले चरण में कुल 37 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इनमें 13 गांव गौतम बुद्ध नगर जिले के तथा 24 गांव बुलंदशहर जिले के शामिल हैं। गौतम बुद्ध नगर में दादरी से सटे ग्रामीण क्षेत्रों, पल्ला, कठैरा, चिटैहरा, आनंदपुर, धूम मानिकपुर और अन्य गांवों को शामिल किया गया है। वहीं बुलंदशहर जिले के जोखाबाद, सांवली, बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी ताजपुर, कैथरा, किशनपुर, मुरादाबाद, नवादा, सिकंदराबाद ग्रामीण, चीती, खंगौड़ा, फौलादपुर, गिरधरपुर, हसनपुर समेत कई गांव इस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा होंगे।
खरीद-बिक्री पर लगेगी रोक, होगा रिकॉर्ड का सत्यापन
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने से पहले राजस्व विभाग के अधिकारी, लेखपाल और नोएडा प्राधिकरण की टीमें प्रत्येक गांव में पहुंचकर खसरा-खतौनी, गाटा संख्या, सह-स्वामित्व, उत्तराधिकार और भूमि सीमाओं का विस्तृत सत्यापन करेंगी। इसके बाद अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना जारी की जाएगी। इस दौरान संबंधित गांवों में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जाएगी ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
प्राधिकरण का उद्देश्य है कि भूमि अधिग्रहण पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाए और वास्तविक भूमि स्वामियों को समय पर उचित मुआवजा मिल सके।
जेवर एयरपोर्ट के बराबर मिलेगा मुआवजा
भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि नोएडा प्राधिकरण ने 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की है। यह दर जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परियोजना के लिए दिए गए मुआवजे के बराबर मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अगले 7 से 10 दिनों के भीतर अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आकर्षक मुआवजा मिलने से किसानों का सहयोग बढ़ेगा और परियोजना तय समयसीमा में आगे बढ़ सकेगी।
उद्योगों और रोजगार का बनेगा नया केंद्र
न्यू नोएडा को आधुनिक स्मार्ट सिटी के साथ-साथ एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। मास्टर प्लान के अनुसार अधिग्रहित भूमि का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा उद्योगों, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए आरक्षित रहेगा। इससे हजारों नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का रास्ता खुलेगा और लाखों लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा शहर में अत्याधुनिक सड़क नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम, सीवेज लाइन, बिजली आपूर्ति, पेयजल पाइपलाइन, हरित क्षेत्र, आधुनिक आवासीय सेक्टर, शिक्षा संस्थान, अस्पताल और व्यावसायिक केंद्र विकसित किए जाएंगे।
जेवर एयरपोर्ट से मिलेगी रणनीतिक बढ़त
न्यू नोएडा की सबसे बड़ी विशेषता इसका रणनीतिक स्थान है। यह शहर जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के कारण यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण निवेश और औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में रियल एस्टेट, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्र में तेज़ी से विकास होगा, जिससे NCR की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
चार चरणों में तैयार होगा न्यू नोएडा
करीब 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस नए शहर में कुल 84 गांव शामिल होंगे। परियोजना को वर्ष 2041 तक चार चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- पहला चरण (2027): 3,165 हेक्टेयर भूमि का विकास।
- दूसरा चरण (2032): 3,798 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार।
- तीसरा चरण (2037): 5,908 हेक्टेयर भूमि का विकास।
- चौथा चरण (2041): 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक शहर का निर्माण।
NCR के विकास की नई तस्वीर
न्यू नोएडा परियोजना को NCR के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण विकास योजनाओं में से एक माना जा रहा है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। यदि परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र आधुनिक शहरी विकास, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और बेहतर बुनियादी सुविधाओं का नया केंद्र बनकर उभरेगा। वहीं किसानों को बेहतर मुआवजा मिलने और निवेशकों के लिए नई संभावनाएं खुलने से यह परियोजना उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
