85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मैच खेलने वाले रहाणे ने कहा- अब आगे बढ़ने का सही समय
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। रहाणे ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी और कहा कि अब उनके लिए क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय सफर को विराम देने और आगे बढ़ने का सही समय है।
रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर करीब एक दशक से ज्यादा समय तक चला। उन्होंने साल 2013 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था और अपनी तकनीक, धैर्य और शांत स्वभाव के कारण टीम में एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई।
38 वर्षीय रहाणे ने भारत के लिए कुल 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान सबसे ज्यादा याद किया जाएगा, जहां उन्होंने कई मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
रहाणे ने भावुक संदेश में कही दिल की बात
संन्यास की घोषणा करते हुए अजिंक्य रहाणे ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब आगे बढ़ने का सही समय आ गया है। उन्होंने अपने संदेश में भारतीय क्रिकेट, टीम के साथियों, कोचों और फैंस का धन्यवाद किया।
रहाणे ने कहा कि भारत के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने अपने करियर के दौरान मिले प्यार और समर्थन के लिए प्रशंसकों का आभार जताया।
उनके इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में उनके शांत स्वभाव और शानदार खेल की खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फैंस ने उन्हें उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं।
टेस्ट क्रिकेट में रहाणे की रही खास पहचान
अजिंक्य रहाणे को खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट का मजबूत बल्लेबाज माना जाता था। विदेशी पिचों पर उनकी बल्लेबाजी क्षमता और दबाव में प्रदर्शन करने की कला ने उन्हें भारतीय टीम का अहम हिस्सा बनाया।
उन्होंने कई मौकों पर मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभाला। उनकी कप्तानी का सबसे यादगार पल साल 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान आया, जब नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति में उन्होंने टीम की कमान संभाली।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट में रहाणे ने शानदार शतक लगाया था और उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास के यादगार पलों में शामिल है।
2023 के बाद नहीं मिला टीम में मौका
अजिंक्य रहाणे आखिरी बार साल 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के लिए खेले थे। इसके बाद वह राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की योजनाओं का हिस्सा नहीं रहे।
हालांकि, उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपना योगदान जारी रखा। वह मुंबई की टीम के लिए लगातार खेलते रहे और 2024-25 सीजन तक टीम की कप्तानी भी की।
रहाणे ने कभी हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के जरिए वापसी की कोशिश करते रहे। उनका अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा रहा है।
एक शांत और भरोसेमंद क्रिकेटर के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे
अजिंक्य रहाणे का नाम भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल रहेगा, जिन्होंने बिना ज्यादा सुर्खियों में आए टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वह अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ मैदान पर शांत व्यवहार और नेतृत्व क्षमता के लिए भी जाने जाते रहे। उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हमेशा मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ते रहे।
उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया है। अब फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि रहाणे भविष्य में भी क्रिकेट से जुड़े रहेंगे और युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देते रहेंगे।
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय सफर भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान और यादगार पारियां हमेशा प्रशंसकों के दिलों में रहेंगी।
