देहरादून, 1 जुलाई 2026। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर संजय ऑर्थोपीडिक स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर ने जनस्वास्थ्य के प्रति अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को एक बार फिर सशक्त रूप से प्रस्तुत करते हुए निःशुल्क अस्थि, जोड़, रीढ़, स्त्री एवं प्रसूति रोग परामर्श शिविर का सफल आयोजन किया। इस विशेष पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना, रोगों की समय रहते पहचान सुनिश्चित करना तथा लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना रहा। शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों ने भाग लेकर अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया और विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के साथ-साथ भविष्य में रोगों से बचाव के उपायों की भी विस्तृत जानकारी हासिल की।
शिविर के दौरान मरीजों को हड्डियों एवं जोड़ों के दर्द, रीढ़ संबंधी समस्याओं, गठिया, कमर दर्द, गर्दन दर्द, महिलाओं के स्वास्थ्य, गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं तथा स्त्री रोगों के विषय में विशेषज्ञ सलाह प्रदान की गई। चिकित्सकों ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम, सही जीवनशैली तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिविर में आए लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं प्रसिद्ध अस्थि एवं स्पाइन शल्य चिकित्सक प्रो. डॉ. बी. के. एस. संजय ने भी विभिन्न माध्यमों से जनजागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने जयपुर स्थित एफएम रेडियो तड़का के लोकप्रिय कार्यक्रम “लेट्स माइक” पॉडकास्ट में विशेष सहभागिता की तथा प्रतिष्ठित नवज्योति समाचार पत्र को एक विशेष साक्षात्कार दिया। अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में चिकित्सकों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वे समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, रोगों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा तथा बेहतर स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी निरंतर प्रेरित कर रहे हैं।
प्रो. डॉ. संजय ने अपने संदेश में कहा कि अधिकांश गंभीर बीमारियों को समय पर जांच और उचित परामर्श के माध्यम से रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें तथा शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहे और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए।
दिनभर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रो. डॉ. बी. के. एस. संजय ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी सहभागिता की। इस अवसर पर विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। एक चिकित्सक अपने ज्ञान, अनुभव, करुणा और नैतिक मूल्यों के माध्यम से न केवल रोगियों का उपचार करता है, बल्कि समाज में विश्वास और आशा का संचार भी करता है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सकों ने अनेक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिस समर्पण और साहस के साथ अपनी सेवाएं दी हैं, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने चिकित्सा समुदाय से आह्वान किया कि वे सदैव ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और उत्कृष्टता के साथ अपनी सेवाएं देते रहें तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के इस विशेष आयोजन के माध्यम से संजय ऑर्थोपीडिक स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर ने यह संदेश दिया कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक सरल और सुलभ रूप में पहुंचनी चाहिए। निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर, जनजागरूकता अभियान, विशेषज्ञों के प्रेरणादायक संदेश तथा चिकित्सा समुदाय के सम्मान जैसे कार्यक्रमों ने इस आयोजन को और अधिक सार्थक बनाया।
संजय ऑर्थोपीडिक स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर की यह पहल जनस्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रभावशाली उदाहरण बनकर सामने आई। संस्थान ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि आधुनिक चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य केवल बीमारियों का उपचार नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ, जागरूक और सुरक्षित जीवन की दिशा में प्रेरित करना भी है। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा, मानवीय मूल्यों और समाज के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक संदेश देने में पूरी तरह सफल रहा।
